उमर अब्दुल्ला का ममता बनर्जी के समर्थन में बयान, चुनाव आयोग के हस्तक्षेप को नकारा

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ममता बनर्जी के समर्थन में बयान दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के हस्तक्षेप को नकारा। उन्होंने कहा कि ममता दीदी भारी बहुमत से जीतेंगी। वहीं, महबूबा मुफ्ती ने नई दिल्ली में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई है। इस स्थिति में मुस्लिम परिवारों में भय का माहौल है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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उमर अब्दुल्ला का ममता बनर्जी के समर्थन में बयान, चुनाव आयोग के हस्तक्षेप को नकारा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप का पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ममता बनर्जी भारी बहुमत से चुनाव जीतेंगी। यह बयान उन्होंने ममता बनर्जी के उस बयान पर दिया, जिसमें उन्होंने चुनावी अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों का उल्लेख किया था।


तबादलों पर प्रतिक्रिया

अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले केवल गैर-भाजपा शासित राज्यों में होते हैं, विशेषकर पश्चिम बंगाल में। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल एक बार फिर साबित करेगा कि चुनाव अधिकारी नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता चुनाव जीतते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के किसी भी प्रयास का परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और ममता दीदी चुनाव में भारी जीत हासिल करेंगी।


महबूबा मुफ्ती की चिंता

इस बीच, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नई दिल्ली में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तम नगर में दक्षिणपंथी कट्टरपंथी खुलेआम मुसलमानों के खिलाफ हिंसा की धमकी दे रहे हैं। मुफ्ती ने कहा कि इससे कई मुस्लिम परिवारों में भय और चिंता फैल गई है, और उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील की कि स्थिति को बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप करें।