उधमपुर की महिला उद्यमी ने मसालों के व्यवसाय में किया कमाल

उधमपुर की अभिलाषा सलारिया ने मसालों के उत्पादन में एक सफल व्यवसाय स्थापित किया है। उन्होंने स्थानीय किसानों से फसलें खरीदकर और स्थानीय महिलाओं को रोजगार देकर अपने ब्रांड 'सलारिया फूड एंड स्पाइसेस' को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके पति रोहित सलारिया ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं से भी काफी सहायता मिली है। जानें कैसे यह उद्यमिता का उदाहरण अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है।
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उधमपुर की महिला उद्यमी ने मसालों के व्यवसाय में किया कमाल gyanhigyan

महिला उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण

उधमपुर जिले की अभिलाषा सलारिया ने मसालों के उत्पादन में एक सफल व्यवसाय स्थापित किया है। उन्होंने सरकारी बागवानी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने ऑर्गेनिक मसाले के ब्रांड 'सलारिया फूड एंड स्पाइसेस' को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।


किसानों से सीधा संबंध और स्थानीय महिलाओं को रोजगार

अभिलाषा ने बताया कि वे हल्दी, लहसुन और अदरक जैसी स्थानीय फसलों को सीधे किसानों से खरीदती हैं। इसके बाद, अपनी प्रोसेसिंग यूनिट में टिक्की मसाला सहित कई प्रकार के मसाले तैयार करती हैं। खास बात यह है कि वे उन स्थानीय महिलाओं को रोजगार देती हैं, जो घर से बाहर काम नहीं कर सकतीं। उनका मानना है कि घर पर रहने वाली महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए ताकि बेरोजगारी को कम किया जा सके।


ODOP योजना से व्यवसाय को मिली नई ऊर्जा

अभिलाषा के पति, रोहित सलारिया ने बताया कि उधमपुर जिले को 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना के तहत लहसुन के लिए चुना गया है। इस योजना के तहत वे लहसुन का अचार और पाउडर बड़े पैमाने पर तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, कश्मीरी टिक्की मसाला, गरम मसाला, मीट मसाला, राजमा मसाला और स्थानीय मिर्च के मसाले भी वे खुद प्रोसेस करते हैं।


सरकारी सहायता और विस्तृत बाजार

रोहित ने बताया कि उनके व्यवसाय को भारत सरकार के बागवानी और विपणन विभाग से काफी सहायता मिली है। सरकार ने उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने और बड़े खरीदारों से मिलने के अवसर प्रदान किए हैं। उनका कहना है कि जो लोग व्यवसाय में रुचि रखते हैं, उनके लिए सरकार के पास कई शानदार योजनाएं और प्रोजेक्ट्स उपलब्ध हैं।


सामाजिक मीडिया पर अभिलाषा का संदेश