उदयनिधि स्टालिन ने त्रिशा टिप्पणी विवाद में सरकार पर साधा निशाना

तमिलनाडु के पूर्व उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रिहा किया गया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया। त्रिशा कृष्णन के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात का केवल एक ही अर्थ था। इस मामले ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, और उदयनिधि ने सरकार की आलोचना की है।
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उदयनिधि स्टालिन की रिहाई और सरकार पर आरोप

तमिलनाडु के पूर्व उप मुख्यमंत्री और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस हिरासत से रिहा किया गया। उन्होंने सत्ताधारी TVK सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें बेवजह तंजावुर ले जाया गया। लगभग डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद, उन्हें तिरुचिरापल्ली के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन से रिहा किया गया।


उदयनिधि का बयान और आरोपों का खंडन

उदयनिधि ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उनका कहना था कि उनकी टिप्पणी केवल किसानों के कल्याण के लिए कावेरी जल की मांग के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा, "मेरे शब्दों का केवल एक ही अर्थ था और मेरा इरादा कुछ और नहीं था।"


सरकार की आलोचना और गिरफ्तारी का विरोध

उदयनिधि ने TVK सरकार को "सर्कस कैंप" करार देते हुए कहा कि वह झूठे मामलों से डरते नहीं हैं। उन्होंने कहा, "जब यह सरकार DMK विधायकों को देखती है, तो उनकी पहली प्रतिक्रिया उन्हें गिरफ्तार करने की होती है।"


मद्रास हाई कोर्ट का आदेश और विवाद की शुरुआत

मद्रास हाई कोर्ट ने उदयनिधि को रिहा करने का आदेश दिया था, जब उन्हें कावेरी जल विवाद पर एक भाषण के दौरान हिरासत में लिया गया। इस भाषण में उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना की थी। उनकी टिप्पणी को त्रिशा और विजय के बीच दोस्ती से जोड़कर देखा गया, जिससे राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ।


उदयनिधि की विवादित टिप्पणी का संदर्भ

यह विवाद तब शुरू हुआ जब उदयनिधि ने कावेरी जल-बंटवारे पर आयोजित रैली में मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह तमिलनाडु के हिस्से का पानी हासिल करने में असफल रहे हैं। इस दौरान, जब भीड़ ने त्रिशा का नाम लिया, उदयनिधि ने मुस्कुराते हुए कहा कि कावेरी का पानी "वहां पहुंचना चाहिए," जिससे विवाद और बढ़ गया।


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