उत्तराखंड सरकार अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल स्थापित करेगी
उत्तराखंड सरकार अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल की स्थापना करने जा रही है, जो चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को नौकरी और करियर से जुड़ी सहायता प्रदान करेगा। यह सेल सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा, जिसमें पुलिस, वन विभाग, और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अग्निवीरों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा और उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी खोजने में मदद की जाएगी। जानें इस योजना के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
| Jul 23, 2026, 11:35 IST
अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल
उत्तराखंड सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। राज्य में अग्निवीर रोजगार सेल (ARC) की स्थापना की जाएगी, जो चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को नौकरी और करियर से संबंधित सहायता प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य है कि सेना में प्राप्त प्रशिक्षण, अनुशासन और अनुभव का लाभ उन्हें नागरिक जीवन में भी मिल सके।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
पांच बड़े क्षेत्रों में मिलेंगे रोजगार के मौके
अग्निवीर रोजगार सेल के माध्यम से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों, निजी कंपनियों, पर्यटन और आपदा प्रबंधन तथा स्वरोजगार जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही, सरकार उन्हें सही करियर चुनने में मार्गदर्शन भी करेगी।
सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार का विस्तार
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों से जुड़ेगा रोजगार
यह रोजगार सेल अग्निवीरों को पुलिस विभाग, वन विभाग, आपदा प्रबंधन और कई निजी कंपनियों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने का कार्य करेगा। इसके अलावा, उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी खोजने में भी सहायता प्रदान की जाएगी।
पहला बैच दिसंबर 2026 में लौटेगा
पहला बैच दिसंबर 2026 में लौटेगा
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करेंगे। उत्तराखंड सरकार की योजना है कि रोजगार सेल इससे पहले ही पूरी तरह से कार्यशील हो जाए, ताकि लौटने पर अग्निवीरों को करियर से संबंधित सहायता मिल सके।
ऑनलाइन पंजीकरण और स्किल बैंक की स्थापना
ऑनलाइन होगा पंजीकरण, बनेगा स्किल बैंक
सेना से लौटने वाले सभी अग्निवीरों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। उनकी ट्रेनिंग, तकनीकी जानकारी और अन्य कौशल का रिकॉर्ड एक डिजिटल स्किल बैंक में रखा जाएगा, जिससे उनकी क्षमता के अनुसार नौकरी ढूंढने में आसानी होगी।
जो अग्निवीर अपनी योग्यता को और बेहतर बनाना चाहते हैं, उनके लिए 10 से 15 दिन के छोटे स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे।
50 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार की तैयारी
50 से ज्यादा क्षेत्रों में रोजगार की तैयारी
राज्य सरकार पर्यटन, होटल, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खेल, मैन्युफैक्चरिंग और आपदा प्रबंधन समेत 50 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। रोजगार सेल सरकारी विभागों, स्किल डेवलपमेंट एजेंसियों और निजी कंपनियों के बीच एक कड़ी का काम करेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी
मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा निगरानी
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी, ताकि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। उत्तराखंड सरकार पहले ही राज्य की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा कर चुकी है। इसके साथ ही, उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भर्ती में भी उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
अग्निपथ योजना का परिचय
क्या है अग्निपथ योजना?
अग्निपथ योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं की भर्ती सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए की जाती है। सेवा समाप्त होने के बाद 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में रखा जाएगा, जबकि 75% अग्निवीर नागरिक जीवन में लौटेंगे। इस प्रकार, उनके लिए रोजगार और करियर की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
