उत्तराखंड में मौसम में बदलाव: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

उत्तराखंड में अप्रैल की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव आया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना है। देहरादून में धूप खिलने के बाद बादल छा गए हैं, जिससे शहरवासियों को अजीब मौसम का सामना करना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह मौसम चिंता का विषय है। जानें इस मौसम के बारे में और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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उत्तराखंड में मौसम में बदलाव: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज

उत्तराखंड में मौसम में बदलाव: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

देहरादून: अप्रैल की शुरुआत होते ही उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है। पहाड़ों पर बादल, बिजली की कड़क और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मौसम का यह परिवर्तन कुछ दिनों तक बना रहेगा।

रविवार (5 अप्रैल) की सुबह देहरादून में धूप खिली थी, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। दोपहर होते-होते आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। शहरवासियों के लिए यह मौसम न तो पूरी गर्मी का था और न ही बरसात का, बल्कि एक अजीब सी उलझन भरा दिन था।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति थोड़ी भिन्न रही। वहां दिनभर बादल मंडराते रहे और दोपहर के समय कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली भी चमकी। शाम होते-होते चारधाम क्षेत्र और आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पहाड़ों में ठंडक एक बार फिर लौट आई।

मंगलवार को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी के लिए चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि, अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम गंभीर हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोमवार को भी पर्वतीय जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मैदानी इलाकों में भी कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। देहरादून में अधिकतम तापमान 30.2 और न्यूनतम 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊधमसिंह नगर में अधिकतम 30.7 और न्यूनतम 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड अभी भी बनी हुई है। मुक्तेश्वर में अधिकतम 18.1 और न्यूनतम 7.4, जबकि नई टिहरी में अधिकतम 19.2 और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

यह मौसम विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय है जो चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं। ऊंचाई वाले रास्तों पर ताजा बर्फबारी और बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट लेना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना रहेगा, इसलिए खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.