उत्तराखंड में बादल फटने से आई आपदा, 5 मृत और 11 लापता

आपदा का मंजर
शुक्रवार की सुबह हुई एक दुखद घटना में, भारी बारिश और लगातार बादल फटने के कारण उत्तराखंड के कई जिलों में व्यापक नुकसान हुआ है। इस आपदा में पांच लोगों की जान चली गई और 11 लोग लापता हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा ने बड़े पैमाने पर भूस्खलन को जन्म दिया, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा और लोग मलबे में दब गए।
सबसे प्रभावित क्षेत्र
चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जो कि 23 अगस्त को थराली में आई आपदा से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। यह नई प्राकृतिक आपदा इस मानसून में उत्तराखंड के लिए एक और बड़ी चुनौती साबित हुई है। 5 अगस्त को उत्तरकाशी जिले में आई बाढ़ ने भी धारी क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था, जो गंगोत्री मार्ग पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
क्षति का आकलन
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के अनुसार, भारी बारिश ने बागेश्वर जिले के पौसारी ग्राम पंचायत में लगभग आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचाया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, तीन लापता हैं और एक घायल है। मृतकों की पहचान बसंती देवी और बछुली देवी के रूप में हुई है।
भूस्खलन की घटनाएं
चमोली जिले के मोपाटा गांव में एक भूस्खलन ने एक घर और एक गोशाला को दबा दिया, जिससे एक दंपति की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी ने इस घटना की पुष्टि की।
राहत कार्य जारी
राहत कार्य जारी हैं और अधिकारी लापता लोगों को खोजने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लगातार बारिश क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जो पहले की आपदाओं से उबरने की कोशिश कर रहा है।