उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश
मुख्यमंत्री धामी का बड़ा कदम
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने अंकिता भंडारी के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है। यह निर्णय उनके माता-पिता की भावनाओं और उनकी बेटी को खोने के बाद की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि इस परिवार ने अपनी बेटी को खोया है और कई चुनौतियों का सामना किया है। उनके माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करते हुए, हमने सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत अंकिता के माता-पिता से मिलने के दौरान उन्हें न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार का पूरा समर्थन और प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय की जानकारी
उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, धामी ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी से मुलाकात की। इस मुलाकात में शोक संतप्त माता-पिता ने मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार और भावनाएं साझा कीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री धामी ने न्याय सुनिश्चित करने को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
दिल्ली उच्च न्यायालय का आदेश
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी के नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्या मामले से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इसे मानहानि का मामला मानते हुए यह निर्णय लिया। यह विवाद उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या से संबंधित है, जिसका शव सितंबर 2022 में एक नहर से बरामद किया गया था।
