उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद पहला हलाला मामला सामने आया
हलाला का मामला और UCC का प्रभाव
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद पहला हलाला मामला सामने आया है। रुड़की की एक महिला ने अपने पति और उनके परिवार के आठ सदस्यों पर तीन तलाक, हलाला और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद UCC के तहत अतिरिक्त केस दर्ज किया और कोर्ट में चार्जशीट भी पेश की है.
मामले की जानकारी
हरिद्वार जिले के रुड़की में एक महिला ने अपने पति दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरसद, देवर प्रवेज, जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा और ननदोई फैजान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत की थी। महिला का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें तीन तलाक देकर छोड़ दिया और फिर हलाला की प्रक्रिया अपनाई।
हलाला की प्रक्रिया
हलाला एक विवादास्पद प्रथा है, जिसमें तलाकशुदा महिला को दूसरी शादी करनी पड़ती है, और फिर उस शादी को खत्म करके पहली शादी को फिर से किया जा सकता है। महिला का कहना है कि उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया। पहले उन्होंने केवल दहेज उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन जांच के दौरान हलाला की बात भी सामने आई।
पुलिस की कार्रवाई
रुड़की के बड़ा वाला थाना क्षेत्र की यह महिला अब सुरक्षित है। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और सबूत जुटाए। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद UCC के तहत अतिरिक्त मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है।
महिला के अधिकारों की सुरक्षा
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद दर्ज किया गया पहला हलाला केस है। पुलिस का कहना है कि वे महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई पूरी करेंगे। इस घटना से यह उम्मीद भी जाग रही है कि UCC के कारण महिलाएं अब अपनी आवाज उठाने में पहले से ज्यादा सक्षम महसूस करेंगी।
