उत्तराखंड: मदमहेश्वर मंदिर यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
मदमहेश्वर मंदिर यात्रा पर रोक
रुद्रप्रयाग, 8 अगस्त: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,473 फुट की ऊंचाई पर स्थित मदमहेश्वर मंदिर की यात्रा को तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मदमहेश्वर जाने वाले पैदल मार्ग को जोखिमपूर्ण मानते हुए यह निर्णय लिया है।
पंचकेदार श्रृंखला के इस महत्वपूर्ण मंदिर तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को 14.50 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। निर्माण कार्य और भूस्खलन के कारण मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिकूल मौसम, भूस्खलन की घटनाओं और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा संबंधी खतरों को देखते हुए अगले आदेश तक यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि कई श्रद्धालु सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी करते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से गुजर रहे हैं और जोखिमपूर्ण स्थानों पर तस्वीरें लेने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, हाल ही में बनतोली में मोरखंडा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल भी नदी के जलस्तर बढ़ने के कारण बह गया है। अब यात्रियों को ट्रॉली के माध्यम से नदी पार कराई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रॉली की क्षमता एक बार में केवल दो व्यक्तियों को ले जाने की है, लेकिन सावन और कांवड़ यात्रा के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से ट्रॉली स्थल पर अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है। कई बार यात्रियों द्वारा ट्रॉली संचालकों और श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है, जिससे सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियाँ सामने आई हैं। लोक निर्माण विभाग ने ट्रॉली के सुरक्षित संचालन के लिए उसकी मरम्मत और रखरखाव में कम से कम दो से तीन दिन का समय लगने की जानकारी दी है।
