उत्तराखंड चारधाम यात्रा में जाम से परेशान श्रद्धालु

उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान रविवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई। छुट्टी के दिन यात्रियों की भारी संख्या के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। गर्मी और लंबी प्रतीक्षा के कारण बच्चे और बुजुर्ग परेशान दिखे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यातायात को सुचारु करने के लिए प्रयास किए, लेकिन संकरे मार्ग पर वाहनों की संख्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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उत्तराखंड चारधाम यात्रा में जाम से परेशान श्रद्धालु gyanhigyan

चारधाम यात्रा में जाम की स्थिति

उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा की गति हाल के दिनों में थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन रविवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई। छुट्टी के दिन और यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे कई किलोमीटर तक जाम लग गया। इस भीषण जाम में बड़ी बसों, टैक्सियों के साथ-साथ कई दोपहिया वाहन और श्रद्धालु भी फंसे रहे।


जाम के कारण प्रभावित क्षेत्र

सूत्रों के अनुसार, श्रीनगर गढ़वाल, घसिया महादेव, श्रीकोट, फरासूचमधार और कलियासौड़ क्षेत्र में रविवार सुबह लगभग 9 बजे से ही स्थिति बिगड़ने लगी थी। दोपहर 1 बजे तक इन स्थानों पर बार-बार जाम लगते रहे। सबसे अधिक दबाव श्रीनगर गढ़वाल से प्रसिद्ध सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर और गोवा बीच तक के मार्ग पर देखा गया, जहां वाहनों की लंबी कतारें बनी रहीं।


गर्मी में जाम में फंसे श्रद्धालु

पहाड़ों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच जाम में फंसे तीर्थयात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बच्चे और बुजुर्ग पानी और राहत के लिए परेशान नजर आए। इस जाम का प्रभाव केवल चारधाम जाने वाले यात्रियों पर नहीं पड़ा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी अपने जरूरी कामों के लिए आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा। हाईवे पर गाड़ियों की गति घंटों तक धीमी रही।


पुलिस की मेहनत से यातायात सुचारु करने का प्रयास

जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के जवान सक्रिय हो गए। कई संवेदनशील और संकरे स्थानों पर पुलिस कर्मियों को चिलचिलाती धूप में यातायात को सुचारु करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। हालांकि, प्रशासन यात्रा सीजन को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन का दावा कर रहा है, लेकिन श्रीनगर से रुद्रप्रयाग की ओर जाने वाले इस संकरे मार्ग पर वाहनों की अप्रत्याशित संख्या और संकरी सड़कें प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।