उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में तापमान गिर गया है। मौसम विभाग ने गंभीर स्थिति के लिए अलर्ट जारी किया है। जानें इस ठंड के कारण और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ।
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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी

उत्तर भारत में ठंड का कहर

उत्तर भारत में ठंड और शीतलहर का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में मौसम की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को दिल्ली में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह थी। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान जमने के करीब पहुंच गया, जिसके चलते मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के लिए उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया।


दिल्ली का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3°C दर्ज किया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम है। सुबह के समय नमी 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। दिन के समय अधिकतम तापमान 20.6°C रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। कोहरे के कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे दिल्ली-NCR में सुबह की आवाजाही प्रभावित हुई।


पंजाब और हरियाणा में रेड अलर्ट

चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार के लिए पंजाब और हरियाणा में रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें घने कोहरे के साथ गंभीर शीतलहर की चेतावनी दी गई है। इस मौसम में पहली बार तापमान जमने के स्तर तक गिर गया। बठिंडा में तापमान 0.6°C, जबकि अमृतसर और फरीदकोट में 1°C तक गिर गया।


हरियाणा में ठंड की स्थिति

हरियाणा में भी ठंड की स्थिति गंभीर है। गुरुग्राम में तापमान 0°C तक पहुंच गया, जबकि सिरसा, सोनीपत, भिवानी और महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान लगभग 1°C दर्ज किया गया। IMD ने 17 जनवरी तक येलो अलर्ट जारी किया है, जो कड़ाके की ठंड के लंबे दौर का संकेत देता है।


राजस्थान में ठंड का असर

राजस्थान में भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.9°C दर्ज किया गया। पाले ने खेतों और कृषि उपकरणों को प्रभावित किया है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी में कमी आई है, जिससे दैनिक जीवन पर असर पड़ा है।


स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ

3°C जैसे कम तापमान में लंबे समय तक रहने से हाइपोथर्मिया और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।


ठंड का कारण

उत्तर भारत में इस ठंड का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना और पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं हैं। जब आसमान साफ होता है, तो रात के समय 'रेडिएशनल कूलिंग' के कारण तापमान तेजी से गिरता है।