उत्तर प्रदेश में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, चार युवक गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में आतंकवादियों का बड़ा नेटवर्क उजागर
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विशेष टास्क फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए युवकों में से दो सहारनपुर, एक मुजफ्फरनगर और एक हरिद्वार से हैं.
गिरफ्तारी से परिवारों में हड़कंप
सहारनपुर के ढीक्का कला गांव के महकाब और शाहरुख के परिवारों को जब उनकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, तो वे सदमे में आ गए। परिवारों का कहना है कि उनके बेटे ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते। गांव में इस गिरफ्तारी की चर्चा जोरों पर है, जबकि परिवारों ने अपने बेटों को निर्दोष बताया है.
परिवारों का दावा: कोई आतंकवादी संबंध नहीं
महकाब और शाहरुख के परिजनों का कहना है कि उनके बच्चों का किसी भी आतंकी संगठन या पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है। गांव वालों के अनुसार, दोनों युवक साधारण परिवारों से हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. कुछ दिन पहले एटीएस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया था.
महकाब का पिता: मेरा बेटा निर्दोष है
महकाब के पिता हसरत ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीनों से लुधियाना में वेल्डिंग का काम कर रहा था। महकाब आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और महीने में करीब 15,000 रुपये कमाता है. हसरत ने कहा कि उनका बेटा मेहनती और साधारण लड़का है.
शाहरुख का काम और परिवार का बयान
शाहरुख के पिता इकराम ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि शाहरुख केवल पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और हाल ही में देहरादून में टाइल और पत्थर लगाने का काम कर रहा था. इकराम ने कहा कि अगर उनके बेटे को किसी तरह की विदेशी फंडिंग मिलती, तो परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होती.
गैंगस्टर से जुड़े होने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ युवक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे। एजेंसियां संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों और विदेशी नंबरों से संपर्क की जांच कर रही हैं. हालांकि, परिवारों का कहना है कि इन युवकों को सोशल मीडिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी.
