उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों के लिए नई सुरक्षा नियमावली लागू

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। सभी कमर्शियल वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया है। नए पंजीकरण वाले वाहनों पर यह नियम तुरंत लागू होगा, जबकि पुराने वाहनों के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया गया है। यह कदम महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। जानें इस नए नियम के पीछे का उद्देश्य और इसके प्रभाव के बारे में।
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उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों के लिए नई सुरक्षा नियमावली लागू

व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षा के लिए नया आदेश

लखनऊ, 6 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस जांच को सख्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने सभी कमर्शियल वाहनों जैसे टैक्सी, मैक्सी कैब और बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू हो गया है।


अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:



  • नए पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों पर यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू है।

  • पुराने व्यावसायिक वाहनों (जो पहले से रजिस्टर्ड हैं) के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय दिया गया है। 1 अप्रैल 2026 से नियमों का पालन सख्ती से किया जाएगा।

  • यदि VLTD डिवाइस नहीं लगाई गई, तो वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट नवीनीकरण, रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल और PUC से संबंधित कोई कार्य नहीं किया जाएगा।


एआरटीओ प्रशासन के आलोक कुमार ने बताया कि यह कदम महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए उठाया गया है। पैनिक बटन आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने में सहायक होगा।


परिवहन विभाग का मानना है कि इस नियम के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस मानकों का बेहतर पालन होगा। वाहन मालिकों से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द अधिकृत डीलरों से VLTD डिवाइस लगवाएं।