उत्तर प्रदेश में मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी शार्पशूटर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्पेशल टास्क फोर्स ने एक मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी शार्पशूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को मार गिराया। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की गई। आशु पर हत्या, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप थे। मुठभेड़ के दौरान वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने उसके आपराधिक इतिहास और गिरोह के साथ उसके संबंधों की जानकारी दी है। इस घटना ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है।
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उत्तर प्रदेश में मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी शार्पशूटर

मुरादाबाद में STF की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी शार्पशूटर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 50 हजार रुपये के इनामी शार्पशूटर आशु चड्ढा उर्फ मोंटी को एक मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई एसटीएफ की मेरठ यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आशु चड्ढा, जो उधम सिंह गैंग का एक कुख्यात शार्पशूटर था, लंबे समय से यूपी पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों में कुल तीन मामले दर्ज थे।

पुलिस ने जानकारी दी कि बुधवार (1 अप्रैल) की रात हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरपुर कलां गांव का निवासी आशु सिविल लाइंस इलाके में मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि वह मुरादाबाद के एक कारोबारी से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था।

रंगदारी के मामले में फरार था

हाल ही में मोंटी मुरादाबाद के एक कारोबारी से रंगदारी मांगने और जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। एसटीएफ को उसकी लोकेशन के बारे में सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने घेराबंदी की। बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ में आशु चड्ढा गंभीर रूप से घायल हो गया।

आशु चड्ढा का आपराधिक इतिहास

अधिकारियों के अनुसार, आशु का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उसके खिलाफ कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती के लगभग 36 मामले दर्ज हैं। आशु पहली बार 2010 में हत्या के मामले में जेल गया था, जहां उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने गिरोह के लिए काम करना शुरू कर दिया और गंभीर अपराधों में शामिल हो गया।

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, भारी मात्रा में कारतूस और कई खोखे बरामद किए हैं। यह बरामदगी उसके आपराधिक नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाती है। पुलिस जांच में पता चला है कि आशु मूल रूप से हापुड़ जिले के मीरपुर कला गांव का निवासी था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपराध को अपना पेशा बना लिया और लूट, हत्या और रंगदारी जैसी वारदातों में सक्रिय हो गया। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।