उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी का मामला: नाबालिग लड़की को 25,000 रुपये में बेचा गया
मानव तस्करी का मामला
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां झारखंड की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर 25,000 रुपये में बेच दिया गया। पुलिस ने ट्रेसिंग के जरिए लड़की का पता लगाया, जिससे सच्चाई का खुलासा हुआ।
पीड़िता झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर की निवासी है। उसके गायब होने के बाद से परिवार ने उसकी खोजबीन की, लेकिन वह एक दलाल और खरीददार के जाल में फंस गई।
घटना का विवरण
चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि लड़की 20 जनवरी को अपनी बड़ी बहन के साथ स्कूल जा रही थी, तभी दोनों के बीच बहस हो गई। गुस्से में आकर लड़की ने अपनी बहन को छोड़ दिया और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गई।
वहां एक दलाल ने उसे देखा और बेहतर भविष्य का झांसा देकर उसे यूपी के सीतापुर जिले के इनायतपुर ले गया। वहां उसने किशोरी लाल कुइरी से संपर्क किया, जिसने अपने पड़ोसी संदीप कुमार को इस सौदे में शामिल किया। संदीप ने अपनी जमीन गिरवी रखकर 25,000 रुपये में लड़की को खरीद लिया।
पीड़िता की दुर्दशा
यह नाबालिग लड़की लगभग ढाई महीने तक बंधक रही, जहां उसके साथ न केवल शारीरिक उत्पीड़न हुआ, बल्कि उसे बार-बार यौन शोषण का भी शिकार होना पड़ा। पुलिस ने बताया कि उसके शरीर पर जलने के कई निशान हैं, जो उसकी कठिनाई को दर्शाते हैं।
जब लड़की घर नहीं लौटी, तो उसकी मां और बहन ने उसकी खोजबीन की। अंततः, 2 अप्रैल को उन्होंने चक्रधरपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर लड़की का लोकेशन सीतापुर में ट्रेस किया। इसके बाद, अधिकारियों ने इनायतपुर में छापेमारी कर लड़की को सुरक्षित छुड़ाया और संदीप कुमार तथा किशोरी लाल कुइरी को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पीड़िता अब अपने परिवार के पास है। उसकी मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि यौन उत्पीड़न की पुष्टि के आधार पर मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकें।
