उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का मसौदा 6 जनवरी को जारी होगा

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारी के तहत, मतदाता सूची का मसौदा 6 जनवरी को जारी किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयोग सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इस सूची की हार्ड कॉपी प्रदान करेगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूचियाँ भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। नागरिकों को आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया में सुधार किया जा सके। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी।
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मतदाता सूची का मसौदा जारी करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का प्रारूप मंगलवार, 6 जनवरी को प्रकाशित किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयोग और विभागीय चुनाव आयोग के अधिकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को इस सूची की हार्ड कॉपी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, यह मसौदा मुख्य चुनाव आयोग और विभागीय चुनाव आयोग की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध होगा।


अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं की जानकारी

अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूचियाँ भी इन वेबसाइटों पर अपलोड की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार, 5 जनवरी को यह जानकारी दी, जिससे राज्य की चुनावी तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।


राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी जानकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की देखरेख में यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। मसौदा मतदाता सूची की हार्ड कॉपी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी, ताकि पार्टी प्रतिनिधियों को विसंगतियों की जांच करने और सुधार के सुझाव देने में मदद मिल सके।


डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता

यह मसौदा सूची सीईओ और संबंधित डीईओ की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी उपलब्ध होगी। इससे आम जनता को अपने विवरण की जांच करने में आसानी होगी, बिना सरकारी कार्यालयों में जाए। यह कदम चुनाव प्रबंधन में तकनीकी सहायता का उपयोग करने के आयोग के प्रयासों को दर्शाता है।


आपत्ति दर्ज करने का अवसर

नागरिकों और राजनीतिक दलों को इन सूचियों की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। यदि किसी को लगता है कि किसी नाम को गलत तरीके से शामिल किया गया है, तो वे आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया निरंतर संशोधन का हिस्सा है, और अंतिम सूचियों के प्रकाशन से पहले आवश्यक सुधार किए जाएंगे।