उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और आंधी से भारी तबाही, 111 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई बेमौसम बारिश और आंधी ने 26 जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 111 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस आपदा के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं, और कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत आयुक्त कार्यालय स्थिति की निगरानी कर रहा है और आवश्यक धन उपलब्ध करा रहा है। जानें इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 | 
उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और आंधी से भारी तबाही, 111 लोगों की मौत gyanhigyan

प्राकृतिक आपदा का कहर

उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को प्रकृति ने अपना विकराल रूप दिखाया। तेज हवाओं, अनियोजित बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने राज्य के 26 जिलों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक 111 लोगों की जान चली गई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्यभर में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कच्चे मकानों और टिन शेड को सबसे अधिक नुकसान हुआ है.


मुख्यमंत्री का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुई हानि का संज्ञान लिया और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाने का आदेश दिया। राहत आयुक्त कार्यालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि 13 मई को खराब मौसम के कारण 26 जिलों में 111 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, 72 लोग घायल हुए, 170 पशुओं की हानि हुई और 227 घरों को नुकसान पहुंचा।


स्थिति की निगरानी

राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि वे जिला अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जिलों को आवश्यक धन मुहैया कराया जा रहा है। आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।


मौतों का विवरण

विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, प्रयागराज में 26, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्रयागराज जिला प्रशासन ने यहां बुधवार की घटनाओं में कुल 26 मौतों की पुष्टि की है।


अधिकारियों की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नुकसान का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के माध्यम से नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजने का आदेश दिया गया है।