उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला: दवा व्यापारी के बेटे का नाम बदलकर किया गया मोहम्मद अली

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक दवा व्यापारी के बेटे का धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आयुष मलिक को एक जिम ट्रेनर ने प्रेम जाल में फंसाकर 'मोहम्मद अली' बना दिया। आरोप है कि इस साजिश में पाकिस्तान के कट्टरपंथी यूट्यूब नेटवर्क का हाथ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। यह मामला न केवल व्यक्तिगत बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है, जो युवाओं को निशाना बना रहा है।
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उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला: दवा व्यापारी के बेटे का नाम बदलकर किया गया मोहम्मद अली gyanhigyan

धर्मांतरण की साजिश का खुलासा

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का सनसनीखेज मामला: दवा व्यापारी के बेटे का नाम बदलकर किया गया मोहम्मद अली


उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक चौंकाने वाला धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हैरान कर दिया है। एक प्रसिद्ध दवा व्यापारी के एकमात्र और शिक्षित बेटे, आयुष मलिक, को एक सुनियोजित साजिश के तहत प्रेम जाल में फंसाकर 'मोहम्मद अली' बना दिया गया। आरोप है कि इस साजिश का उद्देश्य करोड़ों की संपत्ति हड़पना था, और इसके तार पाकिस्तान के कट्टरपंथी यूट्यूब नेटवर्क और दिल्ली-मुंबई के मौलवियों से जुड़े हैं। पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है।


मामले में दर्ज मुकदमे और पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में तीन मौलवियों सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है, और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एसपी शामली ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।


प्रेम और धर्मांतरण की कहानी

यह मामला शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर और काजीवाड़ा मोहल्ले से संबंधित है। देवराज मलिक, जो शामली जिले के केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, ने शनिवार को कोतवाली में एक तहरीर दी। उनका 27 वर्षीय बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा के बाद अपना मेडिकल स्टोर चला रहा था। पुलिस जांच के अनुसार, यह सब लगभग 5 साल पहले शुरू हुआ जब आयुष ने 'कुरैशी प्लस' नाम की जिम में जाना शुरू किया। वहां चांदनी कुरैशी, जो जिम ट्रेनर थी, ने आयुष को प्रेम जाल में फंसाया और धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालना शुरू किया।


धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया

पीड़ित के पिता का आरोप है कि चांदनी और उसके परिवार ने चार साल पहले आयुष से निकाहनामा पढ़वाया और उसका नाम बदलकर 'उस्मान अंसारी' रख दिया। पिछले छह महीनों में आयुष का रहन-सहन और हुलिया बदल गया था। उसने दाढ़ी बढ़ा ली और कुर्ता-पायजामा पहनने लगा। सोशल मीडिया पर उसकी एक तस्वीर भी वायरल हुई, जिसमें वह मस्जिद में नमाज पढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जब यह बात हिंदू संगठनों के ध्यान में आई, तो उन्होंने विरोध जताया।


परिवार को जान से मारने की धमकी

देवराज मलिक का कहना है कि आरोपियों ने न केवल उनके बेटे का धर्म परिवर्तन कराया, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों पर भी इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने पिछले पांच वर्षों से उनके बेटे की कमाई भी हड़प ली।


पाकिस्तानी कनेक्शन का खुलासा

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आयुष का ब्रेनवाश करने के लिए एक डिजिटल साजिश रची गई थी। आरोपियों ने आयुष के मोबाइल पर पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामिक वक्ता डॉ. इसरार अहमद का यूट्यूब चैनल लॉगिन कराया था। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह केवल एक प्रेम प्रसंग नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।


पुलिस का बयान

शामली के पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर धर्मांतरण, अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।