उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के मामले में नया मोड़: महिला मिली जिंदा

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक दहेज हत्या के मामले ने नया मोड़ लिया है जब दीपा नाम की महिला छह महीने बाद जिंदा मिली। उसकी गुमशुदगी के बाद ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगा था। दीपा ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और पुणे में रह रही थी। अब पुलिस उसे वापस लाकर कोर्ट में पेश करेगी। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे का सच।
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उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के मामले में नया मोड़: महिला मिली जिंदा

दहेज हत्या का मामला और दीपा की गुमशुदगी

उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के मामले में नया मोड़: महिला मिली जिंदा


उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक दहेज हत्या के मामले ने सबको चौंका दिया है, जब छह महीने बाद एक महिला जिंदा मिली। अगस्त 2025 में दीपा के ससुराल से अचानक गायब होने के बाद उसे मृत मान लिया गया था, जिसके चलते ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगा था।


मायावती की बेटी की खोज

दीपा की मां, मायावती, ने अपनी बेटी की खोज में काफी प्रयास किए, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया। मामला अदालत तक पहुंचा, और कोर्ट के आदेश पर मल्हीपुर थाने में दीपा के पति हंसराज, ससुर परमेश्वर और सास के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया।


पुलिस की जांच और नया सुराग

इस मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सतीश शर्मा को सौंपी गई। पुलिस को दीपा का मोबाइल फोन एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। जनवरी 2026 में, लंबे समय से बंद पड़ा मोबाइल नंबर अचानक सक्रिय हो गया, जिससे सर्विलांस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। यह लोकेशन उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के पुणे की निकली।


दीपा की सुरक्षित वापसी

पुलिस टीम, थानाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में, पुणे पहुंची, जहां उन्हें दीपा पूरी तरह सुरक्षित मिली। पूछताछ में दीपा ने बताया कि उसने अपनी मर्जी से घर छोड़ा और पुणे में रह रही थी।


अब पुलिस दीपा को श्रावस्ती वापस ला रही है, जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दीपा ने घर क्यों छोड़ा और दहेज हत्या के आरोपों में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी। इस घटनाक्रम से ससुराल पक्ष ने राहत की सांस ली है।