उत्तर प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन की नई पहल

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में 14 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत 1.35 लाख विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण मिला है। इसके अलावा, 188 रोजगार मेलों के माध्यम से 4.40 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। योगी सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित करना है, जिससे प्रदेश की पहचान 'स्किल कैपिटल' के रूप में मजबूत हो रही है।
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उत्तर प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन की नई पहल gyanhigyan

योगी आदित्यनाथ की सरकार का कौशल विकास कार्यक्रम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और तकनीकी कौशल से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। योगी सरकार ने कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे रोजगार, उद्योग और आत्मनिर्भरता से जोड़कर प्रदेश के लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है। पिछले 9 वर्षों में, लगभग 14 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया गया है।


प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विविधता

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, ऑटोमोबाइल, निर्माण, फैशन डिजाइनिंग, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और कृषि आधारित उद्योग शामिल हैं। 7.50 लाख से अधिक प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं, जिससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त हुई है.


प्रोजेक्ट प्रवीण का प्रभाव

“प्रोजेक्ट प्रवीण” के अंतर्गत अब तक 1.35 लाख को कौशल प्रशिक्षण
योगी सरकार ने युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग से जोड़ा है। इस दिशा में, “प्रोजेक्ट प्रवीण” योजना युवाओं के बीच काफी सफल रही है, जिसके तहत 1.35 लाख विद्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया गया है.


रोजगार मेलों का आयोजन

188 रोजगार मेलों से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार
प्रदेश सरकार ने रोजगार के अवसरों को सीधे युवाओं तक पहुंचाने के लिए मंडल और जनपद स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन किया। पिछले 9 वर्षों में आयोजित 188 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार मिला है, जिसमें देश की प्रमुख कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों ने भाग लिया.


उत्तर प्रदेश की पहचान ‘स्किल कैपिटल’

“स्किल कैपिटल” के रूप में पहचान मजबूत कर रहा यूपी
योगी सरकार का ध्यान केवल नौकरी उपलब्ध कराने पर नहीं है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और मार्केट लिंकिंग उपलब्ध कराई जा रही है. उत्तर प्रदेश, जो देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है, यदि इस युवा शक्ति को कौशल और रोजगार से जोड़ा जाए तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.