उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से भारी तबाही, जानें कितनी तेज हवा होती है खतरनाक

उत्तर प्रदेश में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 94 लोगों की जान चली गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और खंभे उखड़ गए, और कई मकान गिर गए। जानें कितनी तेज हवा खतरनाक होती है और इससे होने वाले नुकसान के बारे में।
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उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का कहर

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से भारी तबाही, जानें कितनी तेज हवा होती है खतरनाक


उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भयंकर आंधी-तूफान और तेज बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। कई जिलों में हवाओं की गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे पेड़, खंभे और कई मकान गिर गए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 94 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। भदोही और प्रयागराज जैसे जिलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां सबसे ज्यादा मौतों की सूचना मिली है।


राज्य में मौसम के अचानक बदलाव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया है। मौसम विभाग ने 38 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।


हवा की गति और उसके खतरनाक स्तर

कितनी किलोमीटर प्रति घंटे की हवा होती है खतरनाक?


24-40 किमी/घंटे की हवा: इस गति पर छोटी वस्तुएं उड़ने का खतरा होता है और बाइक-साइकिल चलाने में कठिनाई हो सकती है।


40-50 किमी/घंटे की हवा: इस गति पर छतरी का उपयोग करना मुश्किल हो सकता है और पेड़ की शाखाएं तेजी से हिलने लगती हैं।


76-87 किमी/घंटे की हवा: इस गति पर पेड़ की शाखाएं टूटने का खतरा बढ़ जाता है और टीनशेड भी उड़ सकते हैं।


88-102 किमी/घंटे की हवा: इस गति पर पेड़ और खंभे उखड़ने का डर रहता है, और मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है।


103-117 किमी/घंटे की हवा: यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है, जिससे पेड़ों, घरों, इमारतों, हवाईअड्डों और पुलों को गंभीर नुकसान हो सकता है।