उत्तर प्रदेश बना देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश, गंगा एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन

उत्तर प्रदेश ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश बनने का गौरव हासिल किया है। इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के साथ, यूपी ने देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखा है। गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताएँ, जैसे कि हवाई पट्टी और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाएँ, प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जानें इस एक्सप्रेसवे के महत्व और यूपी के अन्य एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बारे में।
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उत्तर प्रदेश बना देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश, गंगा एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन gyanhigyan

उत्तर प्रदेश का नया गौरव

उत्तर प्रदेश अब आधिकारिक रूप से देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जिससे यूपी ने सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ, देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा अब उत्तर प्रदेश में है। गंगा एक्सप्रेसवे न केवल अपनी लंबाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.


गंगा एक्सप्रेसवे की विशेषताएँ

उत्तर प्रदेश बना देश का एक्सप्रेसवे प्रदेश, गंगा एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन


इस एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी एक विशेष हवाई पट्टी बनाई गई है, जिस पर भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान आपातकालीन लैंडिंग कर सकते हैं। भविष्य में इसे हरिद्वार और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है, जिससे पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे में 381 अंडरपास, 14 मुख्य पुल और 929 पुलिया शामिल हैं.


उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क

यूपी के 7 संचालित एक्सप्रेसवे और उनकी ताकत


प्रदेश में वर्तमान में 1911 किलोमीटर का नेटवर्क चालू है। इसके अलावा, 25 किलोमीटर लंबा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे भी कार्यरत है। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे भी चालू है.


निर्माणाधीन और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे

निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाएं


  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (छह लेन)
  • बलिया लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन)
  • गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे (छह लेन)


आठ प्रस्तावित एक्सप्रेसवे


  • चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे (चार लेन, 15.17 किमी)
  • लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 49.96 किमी)
  • फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 90.84 किमी)
  • जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 74.30 किमी)
  • झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 118 किमी)
  • विंध्य एक्सप्रेसवे (छह लेन, 277 किमी)
  • विंध्य पूर्वांचलन लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 107 किमी)
  • मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे (छह लेन, 130.14 किमी)


एनएचएआई द्वारा प्रक्रियाधीन एक्सप्रेसवे


  • आयोध्या-वाराणसी (192 किमी)
  • अयोध्या-गोरखपुर (132 किमी)
  • बाराबंकी-बहराइच (102 किमी)
  • रायबरेली-बांदा (299 किमी)
  • बरेली-हल्द्वानी (110 किमी)
  • मुरादाबाद-बरेली (122 किमी)
  • लखनऊ-सीतापुर (75 किमी)
  • पानीपत-शामली-गोरखपुर (700 किमी)
  • बारहाउरई-झांसी (199 किमी)
  • इटावा-फर्रुखाबाद-बरेली (240 किमी)
  • चित्रकूट-प्रयागराज-वाराणसी (261 किमी)
  • गाजीपुर-जमानिया-सैय्यदराजा (82 किमी)