उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में स्मार्ट मीटर विवाद: सरकार की रोक के बावजूद जारी है प्रचार
स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक के बावजूद प्रचार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में अराजकता का माहौल व्याप्त है। सरकार ने स्पष्ट रूप से स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी है, फिर भी निगम प्रीपेड स्मार्ट मीटर का जोरदार प्रचार कर रहा है। उपभोक्ता संगठनों और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार के निर्णय के खिलाफ बैकडोर से यह धंधा चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्मार्ट मीटरों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर एक चार सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति की रिपोर्ट आने तक मीटर लगाने का कार्य रोकने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद, ऊर्जा मंत्री के लगातार बयानों के बावजूद UPPCL प्रतिदिन ऑनलाइन अभियान चलाकर इन मीटरों को बढ़ावा दे रहा है। नए कनेक्शन के लिए प्रीपेड मीटर अनिवार्य कर दिए गए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
इस दोहरे रवैये के कारण प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया है। कई जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग को पत्र लिखकर इस 'सिंडिकेट' का पर्दाफाश करने की मांग की है। ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव से लेकर अन्य अधिकारी इस मामले में पूरी तरह चुप हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी निर्णय और UPPCL के कार्यों में कोई तालमेल नहीं है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
