उत्तर प्रदेश के विधायकों पर आपराधिक मामलों की बढ़ती संख्या
चुनावी हलफनामों की चर्चा
चुनाव आयोग को प्रस्तुत हलफनामों और एडीआर की रिपोर्टों के अनुसार, 2022 में चुने गए उत्तर प्रदेश विधानसभा के कई विधायकों के खिलाफ 7 से 38 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर यह जानना दिलचस्प है कि यूपी के सबसे विवादास्पद विधायकों की सूची में कौन-कौन शामिल हैं।
टॉप 5 विधायकों की पहचान
इन टॉप 5 विधायकों में सभी समाजवादी पार्टी से हैं और ये अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
1. अतुल प्रधान (सरधना, मेरठ) - 38 केस
मेरठ की सरधना सीट से विधायक अतुल प्रधान पर 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले विभिन्न समय पर दर्ज हुए हैं, जिनमें अधिकतर राजनीतिक प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन से संबंधित हैं। युवा नेता के रूप में उनकी पहचान है, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक बहस का विषय बनते रहते हैं।
2. नसीर अहमद खान (चमरौआ, रामपुर) - 30 केस
रामपुर जिले के चमरौआ से विधायक नसीर अहमद खान के खिलाफ 30 आपराधिक मामले हैं। ये मामले चुनावी रैलियों और सरकारी अधिकारियों के साथ झड़पों से जुड़े हैं। नसीर को इलाके में एक मजबूत नेता माना जाता है, लेकिन उनके विवादों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।
3. रविदास मेहरोत्रा (लखनऊ सेंट्रल, लखनऊ) - 22 केस
लखनऊ सेंट्रल से विधायक रविदास मेहरोत्रा पर 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले राजनीतिक आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों से संबंधित हैं। वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं, लेकिन उनके खिलाफ मामले उन्हें राजनीतिक चर्चाओं में बनाए रखते हैं।
4. नाहिद हसन (कैराना, शामली) - 16 केस
शामली की कैराना सीट से विधायक नाहिद हसन पर 16 आपराधिक मामले हैं। ये मामले चुनावी गतिविधियों और राजनीतिक विवादों से जुड़े हैं। नाहिद अपने बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
5. महेंद्र नाथ यादव (बस्ती सदर, बस्ती) - 13 केस
बस्ती सदर से विधायक महेंद्र नाथ यादव पर 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित हैं। महेंद्र नाथ पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय नेता हैं।
भाजपा के नेताओं का भी नाम
भाजपा के कुछ विधायकों जैसे कपिल देव अग्रवाल और नंद गोपाल गुप्ता पर भी 7-7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले राजनीतिक गतिविधियों और धरना-प्रदर्शनों से संबंधित हैं।
राजनीति में आपराधिक मामलों का बढ़ता ट्रेंड
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में चुने गए विधायकों में से लगभग 50% के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 39% पर गंभीर आपराधिक मामले भी हैं।
आजम खान का मामला
2022 के चुनाव में मोहम्मद आजम खान का नाम चर्चा में रहा, जिन पर 87 आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि, वे अब विधायक नहीं हैं।
