उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण लैंड हुआ

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करने को मजबूर हुआ। पायलट की सतर्कता से सभी सुरक्षित रहे। मौर्य ने गायों के प्रति सम्मान और राज्य की राजनीति पर भी अपने विचार साझा किए। जानें इस घटना के बारे में और क्या कहा मौर्य ने।
 | 
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण लैंड हुआ

आपातकालीन लैंडिंग की घटना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकॉप्टर तकनीकी समस्या के चलते लखनऊ हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करने के लिए मजबूर हुआ। यह हेलीकॉप्टर लखनऊ के ला मार्ट ग्राउंड से कौशांबी की ओर उड़ान भर रहा था। मौर्य के कार्यालय के अनुसार, हेलीकॉप्टर में अचानक धुआं भरने लगा, जिससे पायलट को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, उसमें तकनीकी खराबी आ गई और धुआं तेजी से भरने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।


पायलट की सतर्कता से बची जान

पायलट ने खतरे को भांपते हुए तुरंत एटीसी से संपर्क किया और हेलीकॉप्टर को लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया। उनकी सतर्कता के कारण हेलीकॉप्टर को सुरक्षित लैंड कराया गया। यह जानकर राहत मिली कि उपमुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है।


गायों के प्रति सम्मान

इससे पहले, केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि हिंदू संस्कृति में गायों का विशेष स्थान है और राज्य में कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि गौ माता में करोड़ों देवी-देवताओं का वास है और हम सभी उनकी पूजा करते हैं। गायों के प्रति व्यवहार को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना करने वाली स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की टिप्पणियों पर मौर्य ने कहा कि संतों के चरणों में हमेशा प्रणाम करते हैं और ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।


राजनीतिक टिप्पणियाँ

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी आदित्यनाथ की सरकार की आलोचना की है, उनका आरोप है कि सरकार गोहत्या को प्रभावी ढंग से रोकने में असफल रही है। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त और सुरक्षित है। बिहार की राजनीति पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का निर्णय एक बड़ा राजनीतिक कदम है। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी के केदार घाट पर पूजा-अर्चना करके छत्रपति शिवाजी की जयंती मनाई और 'गौ माता के सम्मान' के लिए संकल्प लिया।