उत्तर प्रदेश की अद्वितीय भैंस गार्गी ने दूध उत्पादन में बनाया नया रिकॉर्ड
भैंस गार्गी की अद्वितीय उपलब्धि
उत्तर प्रदेश में एक भैंस, जिसका नाम गार्गी है, अपनी असाधारण दूध उत्पादन क्षमता के कारण चर्चा का विषय बन गई है। इस भैंस ने न केवल अपने मालिक का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे गांव को भी गर्वित किया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये तक आंकी गई है, लेकिन परिवार इसे बेचने का कोई इरादा नहीं रखता।
गार्गी का दूध उत्पादन
मोहम्मदपुर गांव में, जो सहारनपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर है, पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी विक्रम सिंह के पास पाली गई मुर्रा नस्ल की गार्गी ने दूध उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गार्गी ने एक दिन में 23 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के बाद गांव में खुशी का माहौल है और लोग दूर-दूर से इसे देखने आ रहे हैं।
सम्मान और पुरस्कार
हाल ही में, उत्तर प्रदेश कृषि एवं पशुपालन संघ के प्रतिनिधियों और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम ने गांव का दौरा किया। उन्होंने गार्गी और उसके मालिक परिवार को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। लखनऊ से आई टीम ने लाइव मॉनिटरिंग के जरिए भैंस की दूध देने की क्षमता का परीक्षण किया, जिसमें गार्गी ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
गार्गी की विशेषताएँ
लगभग चार साल की गार्गी अपने विशाल आकार के कारण भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इसकी ऊंचाई लगभग साढ़े पांच फीट है। परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी भैंस नहीं देखी।
सफलता की कहानी
भैंस के मालिक शेखर चौहान ने बताया कि इस सफलता के पीछे उनके पिता विक्रम सिंह की 15 साल की मेहनत है। उन्होंने हमेशा बेहतर नस्ल तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया और अपनी नस्ल को विकसित किया। गार्गी का टीका हरियाणा के प्रसिद्ध मुर्रा भैंसे भीम से कराया गया था।
गार्गी की कीमत और महत्व
विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने शुरुआत साधारण भैंसों से की थी, जो मुश्किल से 8 से 9 किलो दूध देती थीं। अब तक 100 से अधिक पशु प्रदर्शनियों में भाग ले चुके हैं, लेकिन गार्गी जैसा आकार और क्षमता बहुत कम देखने को मिलती है। गार्गी की कीमत 20 लाख से 50 लाख रुपये तक आंकी गई है, लेकिन परिवार का कहना है कि यह अब केवल एक भैंस नहीं, बल्कि उनके परिवार की पहचान बन चुकी है।
