उत्तर ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, तीन लोगों की मौत
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र और राहत कार्य
भुवनेश्वर/बालासोर, 29 जुलाई: उत्तर ओडिशा में बुधवार को बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी रही। अधिकारियों के अनुसार, अग्निशामक सेवा के एक कर्मचारी सहित कम से कम तीन व्यक्तियों की जान चली गई, और पांच लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण महानदी नदी तंत्र में 'मध्यम बाढ़' की संभावना को देखते हुए तैयारियों को तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री का निर्देश और राहत शिविर
दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तीन मंत्रियों-सूर्यवंशी सूरज, गणेश राम सिंह खुंटिया और के. सी. महापात्र को बाढ़ की स्थिति की निगरानी के लिए मौके पर भेजने का निर्देश दिया है। इससे पहले, बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों की देखरेख के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को उत्तर ओडिशा भेजा गया था। बुधवार शाम तक, 1,88,002 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 396 राहत शिविरों में ठहराया गया।
क्षति और राहत प्रयास
बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बाढ़ के कारण एक हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री माझी ने सोशल मीडिया पर कहा, "मैं राज्य में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा हूं।" उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्रियों को निर्देशित किया।
जल स्तर की स्थिति
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने बताया कि बुधवार शाम छह बजे हीराकुंड जलाशय का जल स्तर 617.91 फुट था, जबकि इसकी पूर्ण जलभराव क्षमता 630 फुट है। उन्होंने कहा, "फिलहाल दो फाटकों से पानी छोड़ा जा रहा है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक जल स्तर 620 फुट तक नहीं पहुंच जाता।"
मौतों का विवरण
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि तीनों मौतें क्योंझर जिले में हुईं। एक अग्निशामक कर्मचारी की करंट लगने से और एक बुजुर्ग की दीवार गिरने से जान चली गई। इसके अलावा, बाढ़ के पानी में एक बच्चे का शव भी मिला। मुख्यमंत्री ने अग्निशामक सेवा के कर्मी चंदन पटनायक के निधन पर शोक व्यक्त किया।
बचाव कार्य और मौसम की स्थिति
बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और अग्निशामक सेवा की टीमें तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में नियुक्त किया है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 30 जुलाई को नुआपाड़ा, कालाहांडी, नबरंगपुर और कोरापुट जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
