ईसाई नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री से मिला, विदेशी अंशदान विधेयक वापस लेने की मांग
प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को वापस लेने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने विधेयक के जब्ती वाले स्वरूप पर अपनी चिंता व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह नया कानून मौजूदा नियमों की जगह एक ऐसी व्यवस्था लागू करेगा, जो देशभर के धर्मार्थ संस्थानों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने शाह को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि सरकार विधेयक को वापस नहीं लेना चाहती, तो इसे विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 की व्यापक समीक्षा के साथ संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा अधिनियम की धारा 15 को हटाने की भी मांग की। जॉइंट एक्शन फोरम ऑन माइनॉरिटीज के बयान के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न ईसाई समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें आर्कबिशप अनिल काउटो, सीएसआई मॉडरेटर के. रूबेन मार्क, प्रचारक पॉल दिनाकरन, कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की है कि गृह मंत्रालय उनके अनुरोधों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा।
