ईरानी नौसेना की गोलीबारी से भारतीय जहाजों में हड़कंप
घटना का विवरण
ईरानी नौसेना द्वारा दो भारतीय जहाजों, जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड, पर गोलीबारी की गई। यह घटना तब हुई जब ईरानी युद्धपोत IRIS लवान कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा था, जो भारत से शरण मांगने आया था।
इस गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि जहाजों के एक केबिन की खिड़की का शीशा टूट गया। उन्होंने ईरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी हरकतों के गंभीर परिणाम होंगे।
सूत्रों के अनुसार, ईरानी दूतावास और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच इस घटना को लेकर मतभेद हैं। IRGC ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की कोशिश की, जिसे भारतीय अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं।
ईरानी युद्धपोत IRIS लवान के 183 चालक दल में से लगभग 120 को स्वदेश भेजा जा चुका है, जबकि कुछ कर्मी जहाज की देखभाल के लिए केरल में रुके हुए हैं। यह शरण इसलिए मांगी गई क्योंकि IRIS डेना नामक दूसरा युद्धपोत 4 मार्च को श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा डूबा दिया गया था।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि IRGC स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
नई दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया और इस घटना पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर जग अर्णव सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था, जबकि सन्मार हेराल्ड इराक से क्रूड ऑयल लेकर भारत जा रहा था।
भारत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गोलीबारी को गंभीरता से ले रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करता है। यह स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन गलियारों में से एक है, जिसमें वैश्विक क्रूड शिपमेंट का 20% हिस्सा गुजरता है।
