ईरान में हवाई हमलों से मची तबाही, जिम्मेदारी का कोई दावा नहीं
तेहरान और कोम में हवाई हमलों की घटना
ईरान के प्रमुख शहरों तेहरान और कोम में रातों-रात हुए भयंकर हवाई हमलों ने वैश्विक समुदाय को चौंका दिया है। इस हमले के पीछे का कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है। रिहायशी क्षेत्रों से लेकर शरीफ टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और गैस वितरण केंद्रों तक को निशाना बनाते हुए, इस 'अज्ञात दुश्मन' ने अचानक हमला किया और फिर गायब हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस हमले की जिम्मेदारी लेने के लिए दुनिया की दो प्रमुख सैन्य शक्तियों, इजराइल और अमेरिका, ने भी कोई बयान नहीं दिया है.
हमले में हुई जनहानि
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि यह हमला इस्लामशहर के निकट हुआ। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस कारण से इस इमारत को निशाना बनाया गया।
हमलों का समय और प्रभाव
सोमवार की सुबह हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजराइल और न ही अमेरिका ने ली है। ये हमले उस समय हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की चेतावनी दी है। तेहरान में कई हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को भी निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन हमलों के परिणामस्वरूप इमारतों को हुए नुकसान की जानकारी दी है।
शिक्षा और सुरक्षा पर प्रभाव
युद्ध के कारण विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, जिससे परिसर खाली है। इस विश्वविद्यालय पर कई देशों ने प्रतिबंध लगाए हैं क्योंकि इसका संबंध ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से है। रिवोल्यूशनरी गार्ड और अन्य सुरक्षा बल लगातार हमलों के कारण वैकल्पिक स्थानों का उपयोग कर रहे हैं। रात भर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।
कोम में हवाई हमले का विवरण
कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज भी कई घंटों तक सुनाई देती रही। सरकारी समाचार पत्र ने बताया कि कोम के एक रिहायशी इलाके में हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कोम में किस चीज को निशाना बनाया गया।
