ईरान में हवाई हमले ने धार्मिक स्थलों को भी बनाया निशाना
तेहरान/जंजन में बढ़ते संघर्ष का नया अध्याय
तेहरान/जंजन, 1 अप्रैल 2026 — ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने अब रिहायशी क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मंगलवार की सुबह, उत्तर-पश्चिमी ईरान के जंजन शहर में एक हवाई हमले ने प्रसिद्ध ग्रैंड हुसैनिया (शिया मस्जिद परिसर) को लक्ष्य बनाया। इस हमले में कम से कम 3 नागरिकों की जान चली गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
स्थानीय समयानुसार, यह हमला सुबह लगभग 5 बजे फिरदौसी स्ट्रीट पर हुआ। ग्रैंड हुसैनिया, जो शिया समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, को भारी नुकसान हुआ है। इमारत के गुंबद और मीनारों के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बचाव कार्य के लिए रेड क्रिसेंट की टीमों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया।
हमले का विवरण
- स्थान: जंजन शहर — तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित एक औद्योगिक प्रांतीय राजधानी।
- निशाना: ग्रैंड हुसैनिया (हुसैनिया आजम) का प्रशासनिक भवन और प्रार्थना हॉल।
- नुकसान: गुंबद और मीनारों का हिस्सा टूटा, इमारत में व्यापक तबाही।
- हत्याएं: 3 नागरिक मारे गए, 12 से ज्यादा घायल (कुछ रिपोर्ट्स में कुल 4 मौतों का जिक्र)।
- हमलावर: ईरानी मीडिया इसे US-Israeli airstrike बता रहा है। इजरायल की ओर से अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
युद्ध का बड़ा संदर्भ
यह हमला ईरान-इजरायल-US संघर्ष के 32वें दिन के आसपास हुआ है। युद्ध के आरंभ के बाद से ईरान में सैन्य ठिकानों के अलावा अब नागरिक इलाके, बिजली ग्रिड, आवासीय भवन और सांस्कृतिक-धार्मिक स्थल भी प्रभावित हो रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध में ईरान के 29 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से कम से कम 4 को नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर 120 से ज्यादा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। जंजन हमला इससे पहले तेहरान, इस्फहान और महल्लात में हुए हमलों की कड़ी है।
ईरान ने इन हमलों का जवाब मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया है, जबकि अमेरिका संघर्ष को सीमित रखने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी अधिकारियों ने हमले की निंदा की है और इसे “दुश्मन का हमला” बताया। प्रांतीय गवर्नर ऑफिस के डिप्टी डायरेक्टर अली सदेगी ने पुष्टि की कि हमला सुबह 5 बजे हुआ और इसमें 3 लोगों की जान गई। रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
ईरान ने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर धार्मिक स्थलों पर हमले जारी रहे तो उसकी प्रतिक्रिया और तेज होगी।
आम नागरिकों पर असर
जंजन एक औद्योगिक शहर है और यहां रहने वाले आम लोग अब युद्ध की मार झेल रहे हैं। कई परिवार मलबे में फंसे अपनों को ढूंढ रहे हैं। इस हमले से शिया समुदाय में गहरा आक्रोश फैला हुआ है, क्योंकि हुसैनिया मुहर्रम और अन्य धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण केंद्र है।
शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।
यह घटना दिखाती है कि ईरान-इजरायल युद्ध अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा — यह नागरिकों, बच्चों, महिलाओं और धार्मिक स्थलों तक फैल गया है।
अभी देखना बाकी है कि ईरान इस हमले का कितना तेज और किस रूप में जवाब देता है और क्या अमेरिका-इजरायल गठबंधन आगे और हमले जारी रखता है।
