ईरान में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों को पकड़ने के दौरान 22 भारतीय नाविकों को अपनी चपेट में ले लिया। भारत सरकार ने इन नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, लेकिन सभी नाविक सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद, मंत्रालय ने कहा कि वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं और सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। जानें इस घटना का पूरा विवरण और भारतीय नाविकों की स्थिति के बारे में।
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ईरान की नौसेना का ऑपरेशन

नई दिल्ली। ईरान ने बुधवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों को पकड़ने के लिए एक नौसेना ऑपरेशन चलाया, जिसमें 22 भारतीय नाविक भी शामिल थे। ये नाविक इन जहाजों पर सवार थे। पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी है। भारत ने कहा है कि वह इन नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, लेकिन सरकार का कहना है कि सभी 22 नाविक सुरक्षित हैं।


जहाजों की जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक नाविक Epaminondas नामक जहाज पर था, जबकि 21 अन्य Euphoria नामक जहाज पर सवार थे। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने पुष्टि की कि दोनों जहाजों पर सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं।


घटना का विवरण

बुधवार को ईरानी सेना ने दो कंटेनर जहाजों, फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास, को होर्मुज में कब्ज़े में लिया। ये जहाज स्ट्रेट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। एक तीसरे जहाज, यूफोरिया, पर गोलीबारी की गई, जिससे इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।


नाविकों की सुरक्षा

एपामिनोंडास के चालक दल में एक भारतीय नागरिक भी था, जो पनामा के झंडे वाला जहाज था और भारत की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने उस नाविक से संपर्क किया है और उसकी सुरक्षा की पुष्टि की है। मंगल ने कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों से बात की है और वह सुरक्षित है।"


सरकार की चिंता

शिपिंग मंत्रालय ने कहा कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट में काम कर रहे भारतीय नाविकों को लेकर चिंतित है। यह चिंता क्षेत्र में जहाजों पर गोलीबारी की रिपोर्टों के बाद बढ़ी है, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि कोई भी भारतीय घायल नहीं हुआ है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 28 फरवरी को ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से 2,680 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया है।