ईरान में बाल विवाह का शिकार: गोली कोहकान की दर्दनाक कहानी

गोली कोहकान की कहानी एक ऐसी लड़की की है, जो ईरान में बाल विवाह और घरेलू हिंसा का शिकार बनी। 12 साल की उम्र में विवाह के बाद, उसने अपने पति के अत्याचारों का सामना किया। अब उसे हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले की कड़ी आलोचना की है, यह कहते हुए कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन है। जानें उसकी त्रासदी और न्याय प्रणाली में उसके संघर्ष के बारे में।
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ईरान में बाल विवाह का शिकार: गोली कोहकान की दर्दनाक कहानी gyanhigyan

गोली कोहकान की त्रासदी

ईरान में बाल विवाह का शिकार: गोली कोहकान की दर्दनाक कहानी


गोली कोहकान की कहानी अत्यंत मार्मिक है। बचपन से ही उसने कई दर्द झेले हैं। अब उस पर अपने पति की हत्या का आरोप लगाया गया है, और उसे इस महीने कभी भी फांसी दी जा सकती है। यह कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसके सपने बचपन में ही चुराए गए। जब उसे गुड्डे-गुड़ियों से खेलने का समय था, तब वह मां बन गई। बड़े उम्र के पति से अत्याचार सहते हुए, अब उसे मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है।


संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी

गोली कोहकान, जो ईरान की एक बलूच महिला है, अब 25 वर्ष की हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि वह शायद 2026 का सूरज नहीं देख पाएगी। उसके खिलाफ उसके पति की हत्या का आरोप है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ईरान की न्याय प्रणाली में बाल विवाह और घरेलू हिंसा का शिकार महिलाओं के प्रति लैंगिक भेदभाव का एक उदाहरण है। यदि उसे फांसी दी जाती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन होगा।


कम उम्र में विवाह

कोहकान की उम्र केवल 12 वर्ष थी जब उसे अपने चचेरे भाई से विवाह करने के लिए मजबूर किया गया। महज 13 वर्ष की आयु में वह एक बेटे की मां बन गई। बच्चे की डिलीवरी के दौरान उसे कोई चिकित्सा सहायता नहीं मिली, और उसने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया।


पति का अत्याचार

कम उम्र में विवाह और मातृत्व ही कोहकान के दुखों का अंत नहीं था। उसके पति ने उसे हर दिन शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। 2018 में, जब वह 18 वर्ष की थी, उसके पति ने कोहकान और उसके 5 वर्षीय बेटे को पीटना शुरू कर दिया। वर्षों से सहन की गई हिंसा को अब वह अपने बेटे पर होते देख नहीं सहन कर सकी।


हत्या का आरोप

आरोप है कि उसने मदद के लिए एक रिश्तेदार को बुलाया, और झगड़ा इतना बढ़ गया कि उसने अपने पति की हत्या कर दी। तब से उसकी किस्मत का फैसला ईरान की अदालत में चल रहा था, और अब उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोली कोहकान घरेलू हिंसा और न्याय प्रणाली की खामियों की शिकार है।


Blood Money की मांग

कोहकान अनपढ़ है और उसे कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है। उस पर पति की हत्या के आरोप को स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया है। उसकी फांसी माफ करने की एक ही शर्त है, यदि वह 90,000 डॉलर (लगभग 81 लाख रुपये) का Blood Money (दीयत) अदा करे। यह राशि उसके लिए जुटाना संभव नहीं है।