ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: खामेनेई शासन के खिलाफ जनाक्रोश

ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की लहर चल रही है, जिसमें 17 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ आवाज उठाई है। तेहरान में प्रशासन ने 30 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जानें इस आंदोलन की पृष्ठभूमि और इसके कारण।
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ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: खामेनेई शासन के खिलाफ जनाक्रोश

ईरान में विरोध की लहर

ईरान में खामेनेई शासन की पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं, जिसमें अब तक 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। तेहरान में प्रशासन ने 30 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।


ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: खामेनेई शासन के खिलाफ जनाक्रोश


सर्दियों के मौसम में ईरान में स्थिति काफी तनावपूर्ण है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अयातुल्लाह खामेनेई के शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। हालांकि, तेहरान में प्रदर्शन कुछ कम हुए हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। महंगाई और आर्थिक संकट के कारण कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।


प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की है, जिसमें 'जब तक मुल्ला नहीं भागेंगे, हमारा ईरान आजाद नहीं होगा' जैसे शब्द शामिल हैं। यह नारेबाजी खामेनेई शासन के लिए एक चुनौती के रूप में देखी जा रही है।


पिछले साल 2022 में, ईरान में स्थिति तब बिगड़ी थी जब 22 वर्षीय महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। उसे हिजाब के खिलाफ आंदोलन के चलते गिरफ्तार किया गया था। हालिया प्रदर्शनों की शुरुआत 27 दिसंबर को हुई हड़ताल से हुई, जब तेहरान के दुकानदारों ने महंगाई और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ आवाज उठाई।


जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाई, तो गुस्सा और भड़क गया।


तेहरान से दूर तक फैला विरोध

तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर दूर अजना शहर में सबसे अधिक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां के वीडियो में लोग आग लगाते और फायरिंग की आवाजें सुनाई देती हैं। प्रदर्शनकारी 'शर्म करो, शर्म करो' के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ईरान की अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी ने तीन मौतों की पुष्टि की है।


इस बार ईरान के दूरदराज के इलाकों में गुस्सा अधिक स्पष्ट है, जिससे स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। कई प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तरों पर हमला किया और पत्थरबाजी की।