ईरान में अमेरिकी सेना के हवाई हमले के बाद स्थिति
अमेरिकी सेना का ईरान में ऑपरेशन समाप्त
वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ने ईरान में लक्ष्यों पर हवाई हमले करने के बाद अब उन हमलों को रोकने का निर्णय लिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान में बताया कि कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर कई ठिकानों पर हमले किए गए थे। अब यह ऑपरेशन समाप्त हो गया है। बयान में यह भी कहा गया है कि ये हमले ईरान की अनावश्यक आक्रामकता के जवाब में किए गए थे। अमेरिकी सेना अब भी सतर्क और तैयार है।
हमलों का विवरण
बयान में कहा गया है कि CENTCOM की सेनाओं ने ईरान के विभिन्न हिस्सों में ईरानी सेना की निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और हवाई सुरक्षा ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, वायु सेना और नौसेना ने उन ठिकानों पर सटीक हमले किए, जो अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे।
हमलों की अवधि
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार तड़के (भारतीय समयानुसार 3 बजे) ट्वीट कर बताया कि ईरान पर हमले शुरू हो गए हैं। इसके बाद साढ़े 6 बजे एक बयान में हमले रोकने की घोषणा की गई। इससे स्पष्ट होता है कि अमेरिका का यह ऑपरेशन लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे तक चला।
होरमुज जलडमरूमध्य की स्थिति
CENTCOM ने ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि आज रात भी होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही जारी है।
ट्रंप की चेतावनी के बाद हमले
अमेरिकी सेना ने ईरान पर ये हमले डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद किए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि रुकी हुई बातचीत के लिए तेहरान को कीमत चुकानी होगी। दोनों देशों के बीच बढ़ते हमलों से युद्ध समाप्त करने की कोशिशों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ईरान ने हमलों का जवाब देने की धमकी दी है।
पिछले हमले
ईरान ने पहले बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक ठिकानों पर हमले किए थे। इसके कुछ घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर हमलों का सिलसिला शुरू कर दिया। यह इस हफ्ते तीसरी बार है जब ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं। यह तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद शुरू हुआ था और अब भी जारी है।
