ईरान पर अमेरिका की धमकी: क्या होगा अगले कुछ घंटों में?
पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति
पश्चिम एशिया में वर्तमान में जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए एक समय सीमा दी थी, जो मंगलवार को अमेरिकी समयानुसार रात 8 बजे समाप्त हो रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौता नहीं करता है, तो देश को एक रात में नष्ट किया जा सकता है।
ट्रंप की इस गंभीर चेतावनी के बाद ईरान का भविष्य इस एक रात पर निर्भर करता है। अमेरिका इस स्थिति के लिए पूरी तैयारी कर रहा है, लेकिन ईरान की प्रतिक्रिया से ऐसा नहीं लगता कि वह पीछे हटने वाला है।
ट्रंप की धमकी
सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, 'ईरान को एक रात में उड़ा दिया जा सकता है, और वह रात कल हो सकती है।' उन्होंने कहा कि मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा, और इस तबाही के बदले वे होर्मुज खोलने का सौदा करना चाहते हैं।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि होर्मुज नहीं खुला, तो ईरान में बमबारी की जाएगी, जिसमें नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को भी नहीं बख्शा जाएगा।
B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर की भूमिका
अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर की तस्वीर साझा की है, जो एक विकसित देश को पलभर में मलबे में बदल सकता है। यह बमवर्षक विमान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया, जो ईरान की ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। इस हमले में दो IRGC कमांडर मारे गए।
ईरान का सख्त रुख
ईरान ने 45 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और स्थायी शांति की मांग की है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से 10 सूत्रीय जवाब भेजा है, जिसमें युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और प्रतिबंध हटाने की मांग शामिल है।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज खोलना उनकी प्राथमिकता है, क्योंकि यह दुनिया के 20% तेल का मार्ग है। ईरान ने युद्ध के बाद अमेरिका-इजरायल के जहाजों को गुजरने नहीं दिया।
अगले कदम
अब ईरान के पास कुछ ही घंटे हैं, जिसमें उसे या तो समझौता करना होगा या फिर उसे विनाश का सामना करना पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, लेकिन अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बहुत कम लक्ष्य सुरक्षित रहेंगे। ईरान अभी भी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है, लेकिन अमेरिका बड़ी तबाही की तैयारी कर रहा है।
