ईरान ने ट्रंप के यूरेनियम दावों को किया खारिज, बातचीत पर उठाए सवाल

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरेनियम संबंधी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ये सभी झूठे हैं। ईरानी संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि यदि नाकाबंदी जारी रहती है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा। ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरानी सूत्रों ने कहा है कि बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। जानें इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच की कूटनीतिक स्थिति क्या है।
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ईरान का स्पष्ट जवाब

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरेनियम संबंधी दावों को सिरे से नकार दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ट्रंप ने जो बयान दिए हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने ट्रंप के द्वारा किए गए सात दावों को झूठा बताया और कहा कि अमेरिका को बातचीत से कोई लाभ नहीं होगा।


गालिबाफ का बयान

गालिबाफ ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ट्रंप ने एक घंटे में सात झूठे दावे किए। उन्होंने यह भी कहा कि इन झूठों के सहारे अमेरिका युद्ध नहीं जीत सकता और बातचीत में भी उन्हें कोई सफलता नहीं मिलेगी।


तेहरान की चेतावनी

ईरानी स्पीकर ने चेतावनी दी कि यदि नाकाबंदी जारी रहती है, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग का उपयोग ईरानी अनुमति पर निर्भर करेगा।


ट्रंप के दावे

ट्रंप ने कहा था कि तेहरान ने अपने यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमति जताई है, जबकि ईरानी सूत्रों ने इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को किसी भी प्रकार की न्यूक्लियर सामग्री देने पर कोई बातचीत नहीं हुई है।


विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम विदेश नहीं भेजेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका को यूरेनियम भेजना उनके लिए कोई विकल्प नहीं है।


ट्रंप का आशावाद

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने दावा किया कि तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है।


परमाणु प्रतिबंधों पर जोर

ट्रंप ने कहा कि किसी भी समझौते में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यूरेनियम संवर्धन पर समयबद्ध रोक लगाने के विचार को खारिज किया।


वार्ता की स्थिति

हालांकि, ईरानी सूत्रों ने बताया कि वार्ता अभी भी अधूरी है और अंतिम समझौते से बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि प्रमुख मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।


कूटनीतिक स्थिति

दोनों देशों के बीच कूटनीति की नाजुक स्थिति को दर्शाते हुए, वाशिंगटन ने संभावित सफलता की उम्मीद जताई है, जबकि तेहरान की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि महत्वपूर्ण मतभेद अभी भी अनसुलझे हैं।