ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत को दी चेतावनी, तनाव बढ़ा

ईरान ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उसने अमेरिकी युद्धपोत को होर्मुज स्ट्रेट से दूर रहने की चेतावनी दी है। इस वीडियो में ईरानी नौसेना के एक अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिकी जहाज ने अपना रास्ता नहीं बदला, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। अमेरिका ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस क्षेत्र में नाकाबंदी की बात कही है। जानें इस तनाव के पीछे की पूरी कहानी और होर्मुज स्ट्रेट का महत्व।
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ईरान का वीडियो संदेश

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के सरकारी मीडिया ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में ईरानी नौसेना एक अमेरिकी युद्धपोत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दूर रहने की चेतावनी देती नजर आ रही है। यह वीडियो लगभग 64 सेकंड लंबा है और इसे कई ईरानी दूतावासों ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।


चेतावनी का विवरण

वीडियो में इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का एक अधिकारी अमेरिकी जहाज को चेतावनी देते हुए सुनाई देता है। वह कहता है कि US नेवी वॉरशिप 121, तुरंत अपना मार्ग बदलकर हिंद महासागर की ओर लौट जाए, अन्यथा उसे निशाना बनाया जाएगा। इसके जवाब में एक महिला की आवाज आती है, जो बताती है कि यह गठबंधन युद्धपोत 121 है और वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने रास्ते पर हैं।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

ईरान की ओर से दी गई चेतावनी के बाद, यह कहा गया कि सभी जहाजों को 10 मील की दूरी बनाए रखनी चाहिए, अन्यथा उन पर बिना चेतावनी हमला किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिका ने इस घटना की पुष्टि नहीं की है। शनिवार को अमेरिका ने यह भी कहा कि उनके जहाज पीछे नहीं हटे, बल्कि उन्होंने समुद्री माइंस हटाने का कार्य किया।


ट्रंप का बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना अब होर्मुज स्ट्रेट में आने-जाने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू करेगा और जो भी जहाज ईरान को टोल देगा, उसे रोका जाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान जहाजों से लगभग 20 लाख डॉलर का टोल लेकर उन्हें गुजरने दे रहा है, जिसे उन्होंने जबरन वसूली बताया।


होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

होर्मुज स्ट्रेट एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से पहले दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% गुजरता था। इसके बंद होने से कई देशों में तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हाल के दिनों में कई जहाजों ने इस रास्ते से गुजरने की कोशिश की, लेकिन खतरे के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। ईरान ने कुछ देशों के जहाजों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।