ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया

ईरान ने हाल ही में अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने वाशिंगटन पर ईरानी क्षेत्र और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं। ईरान ने अपनी आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और ईरान के रुख के बारे में।
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ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

गुरुवार को, ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की। ईरानी मीडिया एजेंसी, फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने वाशिंगटन पर ईरानी क्षेत्र और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया।


बग़ाई ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयाँ, जैसे कि बंदर अब्बास पर हमले और दक्षिणी ईरान में कथित हवाई हमले, अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता का उल्लंघन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई, संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है।


संयुक्त राष्ट्र की भूमिका

प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अमेरिकी हमलावरों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा 19 अप्रैल को किए गए युद्धविराम का लगातार उल्लंघन, विशेष रूप से फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और हाल के हवाई हमलों का जिक्र किया।


ईरान ने अपनी आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि करते हुए कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।


अमेरिकी धमकियों की निंदा

आईएसएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, बगाई ने अमेरिकी अधिकारियों की धमकी भरी बयानबाजी की भी निंदा की। उन्होंने ओमान के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी देश को नष्ट करने की धमकी देना, जो क्षेत्रीय शांति में योगदान देता है, न केवल बल प्रयोग की धमकी को प्रतिबंधित करने के सिद्धांत का उल्लंघन है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अराजकता का संकेत भी है।