ईरान के हमलों के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में Marines और युद्धपोतों को तैनात किया

अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान के बढ़ते हमलों के कारण मध्य पूर्व में अतिरिक्त मरीन और युद्धपोतों की तैनाती की है। यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग को प्रभावित कर रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची है। USS Tripoli जैसे युद्धपोत क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं, जबकि अन्य मरीन पहले से ही ईरान के साथ संघर्ष में शामिल हैं। यह स्थिति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य और राजनीतिक चुनौती बन गई है।
 | 
ईरान के हमलों के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में Marines और युद्धपोतों को तैनात किया

मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती


अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमलों में वृद्धि के कारण मध्य पूर्व में अतिरिक्त मरीन और युद्धपोतों को तैनात करने का निर्णय लिया है। तीन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिकी केंद्रीय कमान से एक अनुरोध को मंजूरी दी है, जिसमें एक उभयचर तत्परता समूह और इसके साथ जुड़े मरीन अभियान इकाई को क्षेत्र में भेजने का प्रस्ताव है। ऐसे समूहों में आमतौर पर कई युद्धपोत और लगभग 5,000 मरीन शामिल होते हैं। दो अधिकारियों ने बताया कि जापान में स्थित उभयचर हमले के जहाज USS Tripoli (LHA-7) और इसके साथ जुड़े मरीन अब मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। अन्य मरीन पहले से ही क्षेत्र में ईरान के साथ संघर्ष से संबंधित अभियानों का समर्थन कर रहे हैं। यह तैनाती उस समय हो रही है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान से जुड़े हमलों ने शिपिंग को गंभीर रूप से बाधित किया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्थिति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक बड़ा सैन्य और राजनीतिक चुनौती भी प्रस्तुत कर रही है।