ईरान के साथ संघर्ष में ट्रंप का नया कदम: युद्धविराम का विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उन्होंने सैन्य हमलों को रोकने का निर्णय लिया है, जब तक कि ईरान की ओर से कोई संयुक्त शांति प्रस्ताव नहीं आता। इस निर्णय का श्रेय उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व को दिया है। ट्रंप का यह कदम तनाव में अस्थायी कमी का संकेत देता है, जबकि ईरान ने वार्ता में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। जानें इस कूटनीतिक स्थिति के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
| Apr 22, 2026, 10:28 IST
ट्रंप का रणनीतिक बदलाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान पर सैन्य हमलों को तब तक रोकेंगे जब तक तेहरान की ओर से कोई 'संयुक्त शांति प्रस्ताव' नहीं आता। इस कूटनीतिक सफलता का श्रेय उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक नेतृत्व को दिया है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई में देरी करने और कूटनीति के लिए समय देने का अनुरोध किया था।
पाकिस्तान के नेतृत्व की अपील
ट्रंप ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह निर्णय पाकिस्तान के नेतृत्व, जिसमें असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल हैं, की सीधी अपील के बाद लिया गया। उन्होंने कहा, “ईरान सरकार की स्थिति को देखते हुए, हमें ईरान पर हमले को तब तक रोकने के लिए कहा गया है जब तक उनके नेता एक एकीकृत प्रस्ताव नहीं लाते।” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रस्ताव नहीं आता, तब तक युद्धविराम का विस्तार किया जाएगा।
तनाव में अस्थायी कमी
यह कदम ईरान पर दबाव बनाए रखते हुए तनाव में अस्थायी कमी का संकेत देता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी रद्द कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति में कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा।
ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप की घोषणा से पहले, ईरानी अधिकारी अब्बास अराघची ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को 'युद्ध का कार्य' बताया था। उन्होंने चेतावनी दी कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना तनाव को बढ़ाएगा।
ईरान की वार्ता में अनुपस्थिति
तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली वार्ता में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका की 'अत्यधिक मांगों' के कारण यह निर्णय लिया गया है।
संभावित हमले की आशंका
ईरान के मुख्य वार्ताकार ने ट्रंप के युद्धविराम विस्तार को संभावित हमले के लिए 'समय खरीदने की चाल' बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों पर जारी नाकाबंदी का सैन्य जवाब दिया जाना चाहिए।
पाकिस्तान के पीएम का आभार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को युद्धविराम बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राजनयिक प्रयासों को जारी रखने में मदद करेगा।
