ईरान के साथ परमाणु वार्ता में प्रगति: ओक रिज में विशेषज्ञों की बैठक
ओक रिज की यात्रा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दो प्रमुख ईरान प्रतिनिधियों, स्टीव विटकोफ और जारेड कुशनर, ने गुरुवार को टेनेसी के ओक रिज में एक गुप्त यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य उन परमाणु विशेषज्ञों की टीम से मिलना था, जो भविष्य में ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ओक रिज देश में कुछ सबसे विशेषीकृत परमाणु विशेषज्ञता का केंद्र है। यहाँ के ओक रिज राष्ट्रीय प्रयोगशाला और Y-12 राष्ट्रीय सुरक्षा परिसर में यूरेनियम प्रसंस्करण और सेंट्रीफ्यूज तकनीक के प्रमुख विशेषज्ञ मौजूद हैं। ये सुविधाएँ पहले भी कजाकिस्तान और लीबिया जैसे देशों से परमाणु सामग्री के प्रबंधन में शामिल रही हैं। व्हाइट हाउस ने इस यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं की, और राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन ने भी कोई बयान देने से इनकार कर दिया।
विशेषज्ञों की टीम की तैयारी
100 विशेषज्ञों की टीम तैयार
यह यात्रा केवल एक साधारण परामर्श नहीं थी। रिपोर्ट में उद्धृत दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, लगभग 100 विशेषज्ञों की एक टीम हाल ही में ईरान के साथ परमाणु वार्ताओं में भाग लेने के लिए बनाई गई है, यदि कोई प्रारंभिक समझौता होता है। विटकोफ और कुशनर ने इस टीम के सदस्यों से मिलने और संभावित समझौते के कार्यान्वयन की तैयारी पर चर्चा करने के लिए टेनेसी की यात्रा की। इनमें से कुछ विशेषज्ञ पहले भी कुशनर और विटकोफ के साथ ओमान में ईरान के साथ परमाणु वार्ता में शामिल हो चुके हैं।
वार्ता की स्थिति
वार्ता की प्रगति
विस्तृत परिप्रेक्ष्य में, वार्ता में सतर्क प्रगति हो रही है, हालांकि कुछ मुद्दे अभी भी हल होने बाकी हैं। पिछले सप्ताह, विटकोफ और कुशनर ने अपने ईरानी समकक्षों के साथ 60-दिन की समझौता ज्ञापन पर सहमति व्यक्त की, जो संघर्ष विराम को बढ़ाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा, ईरान को तेल बेचने की अनुमति देगा, और ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार और भविष्य के समृद्धि सीमाओं पर बातचीत शुरू करेगा।
विवाद के बिंदु
अभी भी विवादित मुद्दे
दो विशेष विवाद वार्ता को रोक रहे हैं। पहला, ईरान के समृद्ध यूरेनियम के प्रबंधन के लिए समय सीमा है। ट्रंप चाहते हैं कि अंतिम समझौते में ईरान को अपने भंडार को कम करने के लिए 60-दिन की समय सीमा शामिल हो, जबकि ईरान 90-दिन की अवधि की मांग कर रहा है। दूसरा विवाद धन के संबंध में है। अमेरिका ने कहा है कि वह केवल अंतिम समझौते के बाद ही ईरानी फंड को मुक्त करेगा, जबकि ईरान चाहता है कि कुछ फंड तुरंत जारी किए जाएं।
आगे का रास्ता
आगे की योजना
यदि वार्ता दूसरे चरण में जाती है, तो ओक रिज टीम को यह विकसित करने का कार्य सौंपा जाएगा कि ईरान के परमाणु सामग्री का निपटान कैसे किया जाएगा, इसके समृद्धि कार्यक्रम को कैसे और प्रतिबंधित किया जाएगा, और अनुपालन की पुष्टि कैसे की जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उन्हें ईरानी वार्ताकारों से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन वे मानते हैं कि तेहरान में आगे बढ़ने के तरीके को लेकर विभाजन हैं।
