ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की अफवाहें: सच्चाई क्या है?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं, जिसके पीछे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बढ़ता प्रभाव बताया जा रहा है। हालांकि, ईरानी सरकार ने इन दावों को खारिज किया है। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की सच्चाई और अमेरिका की प्रतिक्रिया क्या है।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की अफवाहें: सच्चाई क्या है? gyanhigyan

ईरान में राजनीतिक हलचल

हाल ही में ईरान के राजनीतिक क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और अंतरराष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने पद से इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखा है। इस दावे के पीछे का कारण बताया जा रहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का सरकार में बढ़ता प्रभाव है। आइए इस वायरल खबर की सच्चाई को समझने की कोशिश करते हैं।


पेज़ेश्कियन का इस्तीफा?

फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्टों के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने सुप्रीम लीडर के कार्यालय को सूचित किया है कि उन्हें और उनके प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना कठिन हो गया है।
यह इस्तीफे की खबर ऐसे समय में आई है जब ईरान के नेतृत्व में आंतरिक तनाव बढ़ रहा है। यह खबर ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के दौरान आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी ईरान के नेतृत्व में मतभेदों का उल्लेख किया था और कहा था कि वहाँ की सत्ता बुरी तरह से बंटी हुई है।


ईरान का आधिकारिक बयान

हालांकि, ईरान ने पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की खबरों को खारिज कर दिया है। IRGC से जुड़ी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही खबरें गलत हैं और पेज़ेश्कियन अभी भी अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना विभाग के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से इस रिपोर्ट को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पेज़ेश्कियन जनता की सेवा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनके इस्तीफे का कोई इरादा नहीं है।


IRGC का प्रभाव

रिपोर्टों के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने आरोप लगाया है कि ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था अब पूरी तरह से IRGC के कमांडरों के नियंत्रण में आ गई है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
इन आरोपों के अनुसार, राष्ट्रपति और उनकी चुनी हुई सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों से अलग कर दिया गया है। इसके बजाय, IRGC के कट्टरपंथी गुटों ने देश के अधिकांश महत्वपूर्ण मामलों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे नागरिक संस्थाओं की शक्ति कमजोर हो गई है।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए ईरान के नेतृत्व की स्थिति को 'अस्त-व्यस्त' बताया था।