ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर: ट्रंप का बड़ा बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर नियंत्रण की इच्छा व्यक्त की है, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के लिए हजारों सैनिकों को भेजने की योजना बनाई है। ट्रंप का कहना है कि यदि ईरान के साथ बातचीत सफल नहीं होती है, तो अमेरिका ईरान में अपने ठिकानों को नष्ट करने की योजना बना सकता है। जानें इस स्थिति का वैश्विक तेल कीमतों पर क्या असर पड़ेगा।
 | 

ट्रंप का ईरान के तेल पर कब्जा करने का इरादा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि वह ईरान के तेल पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। 29 मार्च को एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि उनका मानना है कि ईरान का तेल लेना सबसे अच्छा विकल्प होगा। उन्होंने इसे वेनेजुएला की स्थिति से जोड़ा, जहां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद अमेरिका ने वहां के तेल उद्योग को अपने नियंत्रण में रखने की योजना बनाई थी। ईरान का अधिकांश तेल खार्ग आइलैंड से निकलता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान से तेल लेना उनके पसंदीदा कार्यों में से एक है।


संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य रणनीति

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान में अपनी सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने के लिए एक नए और समझदार शासन के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द ही समझौता होने की उम्मीद है। हालांकि, यदि जल्दी समझौता नहीं होता है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य व्यापार के लिए खुलता है, तो अमेरिका ईरान में अपने ठिकानों को नष्ट करने की योजना बना सकता है।


तेल की कीमतों में वृद्धि

हाल के दिनों में तेल की कीमतों में 50% से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक बाजार पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाने के लिए लगभग 10,000 सैनिकों को भेजने का आदेश दिया है। इनमें से 3500 सैनिक पहले ही पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने का विकल्प भी खुला है, लेकिन इससे जोखिम बढ़ सकता है।


पेंटागन की तत्परता

पेंटागन ने कहा है कि उसे आदेश मिलने पर 18 घंटे के भीतर अपने पैराट्रूपर्स को किसी भी स्थान पर पहुंचाने की क्षमता है। ईरान इस स्थिति को ध्यान में रख रहा है, क्योंकि अमेरिका ने अपने युद्धपोतों के साथ 4000 नौसैनिक और 2000 पैराट्रूपर्स भेजने की योजना बनाई है।


खार्ग आइलैंड और होर्मूज़ जलडमरूमध्य

खार्ग आइलैंड पर हमला करना स्ट्रेट ऑफ होर्मूज़ पर हमले की तुलना में कम जोखिम भरा हो सकता है। होर्मूज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी पैराट्रूपर्स को अधिक खतरे का सामना करना पड़ सकता है, जबकि खार्ग आइलैंड पर उतरने से अमेरिका को सफलता मिलने की संभावना अधिक है।