ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल का युद्ध: जलवायु पर प्रभाव

अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त युद्ध ने ईरान के खिलाफ मध्य पूर्व में गंभीर जलवायु संकट उत्पन्न किया है। 14 दिनों में 500 मिलियन किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ है। इस संघर्ष में ईरान ने प्रतिशोध में कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। जानें इस युद्ध के पर्यावरणीय प्रभाव और संघर्ष की स्थिति के बारे में।
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ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल का युद्ध: जलवायु पर प्रभाव

संक्षिप्त अवलोकन

अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त युद्ध ने ईरान के खिलाफ मध्य पूर्व में 14 दिनों के संघर्ष के दौरान लगभग 500,000,000 किलोग्राम (500 करोड़ या 5 मिलियन टन) कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन किया है, जैसा कि एक नई जलवायु विश्लेषण में सामने आया है। यह युद्ध, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था, अब तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर 30 से अधिक बम गिराए हैं। इस हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, उनके प्रमुख सहयोगी और कई परिवार के सदस्य मारे गए। ईरान ने प्रतिशोध में, यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन सहित खाड़ी और मध्य पूर्व के देशों को निशाना बनाया है, जिससे संघर्ष और बढ़ गया है और दोनों पक्षों से शांति के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।