ईरान के इंटेलिजेंस प्रमुख की हत्या, अमेरिका और इजरायल पर आरोप

ईरान के इंटेलिजेंस प्रमुख मेजर जनरल सैयद माजिद खादेमी की हत्या की खबर ने एक बार फिर से अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, खादेमी की हत्या एक हवाई हमले में हुई, जिसमें ईरान के सुरक्षा और इंटेलिजेंस में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है। इस घटना के बाद, ईरान ने दुश्मनों की घुसपैठ को रोकने के लिए अपनी सुरक्षा रणनीतियों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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ईरान में हवाई हमले से मरे इंटेलिजेंस चीफ

ईरान के इंटेलिजेंस प्रमुख की हत्या, अमेरिका और इजरायल पर आरोप

तेहरान: ईरान ने एक आधिकारिक बयान में बताया है कि सोमवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक हवाई हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस प्रमुख मेजर जनरल सैयद माजिद खादेमी की जान चली गई। IRGC ने कहा कि यह हमला सुबह तड़के हुआ, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह घटना कहाँ हुई।

बयान में कहा गया है कि जनरल खादेमी ने लगभग 50 वर्षों तक सेवा की और सुरक्षा एवं इंटेलिजेंस सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईरान ने यह भी बताया कि खादेमी ने दुश्मनों की घुसपैठ को रोकने और शासन की सुरक्षा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खादेमी ईरान के उन उच्च रैंकिंग अधिकारियों में से एक हैं जिनकी हत्या की गई है। पिछले महीने, इजरायल ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब को भी निशाना बनाया था। खादेमी को पिछले साल जून में IRGC के इंटेलिजेंस प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसमें कई शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया गया था।

अमेरिका और इजरायल ने नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को भी मारने की योजना बनाई है। मुजतबा, अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं, जो हाल ही में मारे गए थे। जनरल खादेमी को एक कट्टरपंथी नेता के रूप में जाना जाता था, जो विदेशी जासूसी को रोकने और आंतरिक विरोध को दबाने के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का करीबी और वफादार माना जाता था। उनकी मुख्य जिम्मेदारी IRGC के भीतर बाहरी घुसपैठ को रोकना और संगठन की गोपनीयता बनाए रखना थी।