ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव: अमेरिका से नाकाबंदी खत्म करने की मांग

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें अमेरिका से नाकाबंदी खत्म करने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव तब आया है जब ईरानी विदेश मंत्री रूस की यात्रा पर हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना को कम बताया है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी नाकाबंदी का गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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ईरान का सकारात्मक संकेत

तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा किए बिना इस महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई लाइन की नाकाबंदी समाप्त करने का प्रस्ताव रख रहा है। यह प्रस्ताव तब आया है जब ईरानी विदेश मंत्री रूस की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ चल रहे संघर्ष के संदर्भ में रूस के साथ बातचीत का अवसर बताया है। सूत्रों के अनुसार, तेहरान चाहता है कि अमेरिका उसके देश पर लगे प्रतिबंधों को भी समाप्त करे।


अमेरिका को भेजा गया नया प्रस्ताव

हालांकि, यह चिंता जताई जा रही है कि पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को भेजा गया यह प्रस्ताव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शायद ही स्वीकार किया जाएगा। ट्रंप ने कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष-विराम को स्थायी बनाने के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की एक समग्र डील चाहते हैं। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ चैनल पर कहा, "हमारे पास सभी ताकत हैं। अगर वे बातचीत करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं या हमें फोन कर सकते हैं।"


नाकाबंदी खत्म करने की ईरान की आवश्यकता

अमेरिका ने ईरान पर पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी लागू की है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की अर्थव्यवस्था अधिकतम अगस्त 2026 तक इस दबाव को सहन कर सकती है। यदि नाकाबंदी जारी रहती है, तो ईरान की अर्थव्यवस्था के ढहने का खतरा बढ़ जाएगा। यह समय सीमा ईरान के पास मौजूद तेल भंडार और नाकाबंदी के बावजूद राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करती है।


ईरान की मजबूरी

अमेरिकी नाकाबंदी के कारण, ईरान की जमीन पर तेल भंडारण क्षमता 13 से 20 दिनों में पूरी तरह भर जाएगी। एक बार यह सीमा पार हो जाने पर, ईरान को अपने पुराने तेल के कुओं को बंद करना पड़ेगा, जिससे स्थायी भूवैज्ञानिक क्षति हो सकती है। अमेरिकी नाकाबंदी के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था 3 से 4 महीने तक खुद को बचाए रख सकती है, लेकिन इसके पीछे समुद्र में मौजूद ईरानी तेल का भंडार है। वर्तमान में अनुमानित 160-183 मिलियन बैरल ईरानी तेल समुद्र में है, जो कुछ समय के लिए राहत प्रदान कर सकता है। यदि नाकाबंदी अगस्त 2026 तक जारी रहती है, तो ईरान का मौजूदा वित्तीय और लॉजिस्टिक स्टॉक समाप्त हो सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर संकट आ सकता है।