ईरान का ड्रोन हमला: दुबई एयरपोर्ट पर हड़कंप

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान के ड्रोन हमले ने हड़कंप मचा दिया है। इस हमले के कारण एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिकी और इजरायली सैन्य उपस्थिति के खिलाफ है। जानें इस घटना के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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ईरान का ड्रोन हमला: दुबई एयरपोर्ट पर हड़कंप

दुबई में ड्रोन हमले की घटना


अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के 17वें दिन, ईरान ने ट्रंप प्रशासन को एक गंभीर चुनौती दी है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के पास एक ईंधन डिपो पर ईरानी ड्रोन के हमले ने भीषण आग को जन्म दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और काला धुआं दूर-दूर तक देखे गए, जिसके परिणामस्वरूप DXB पर सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं।


दुबई मीडिया ऑफिस ने X (पूर्व ट्विटर) पर पुष्टि की कि "दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास एक ड्रोन घटना हुई, जिससे एक फ्यूल टैंक प्रभावित हुआ और आग लग गई।" दुबई सिविल डिफेंस की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, और किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन पूरी तरह से रोक दिए गए। इमिरेट्स एयरलाइंस ने बताया कि आज सुबह 10 बजे (स्थानीय समय) के बाद सीमित शेड्यूल पर उड़ानें संचालित होंगी, लेकिन कई उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। यात्रियों को अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट या अन्य विकल्पों की ओर भेजा जा रहा है।


यह हमला 28 फरवरी से शुरू हुए ईरानी हमलों की तीसरी घटना है, जिसमें गल्फ देशों (विशेषकर UAE) पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। ईरान का कहना है कि ये हमले अमेरिकी और इजरायली सैन्य उपस्थिति के खिलाफ हैं। ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान की सैन्य क्षमता "तबाह" हो चुकी है और होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित करने के लिए सहयोगी देशों (NATO, चीन, जापान आदि) से युद्धपोत मांगे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर मदद नहीं मिली तो NATO का "बहुत बुरा भविष्य" होगा।


ईरान ने इस हमले को ट्रंप की चुनौतियों का प्रत्यक्ष उत्तर बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि "दुश्मन के ठिकानों और उनके सहयोगियों पर हमले जारी रहेंगे जब तक हमले बंद नहीं होते।" सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग की लपटें और धुआं स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहां ड्रोन फ्यूल टैंक से टकराता है और तुरंत विस्फोट होता है।


विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला गल्फ क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा रहा है। दुबई जैसे वैश्विक हब पर हमले से एयर ट्रैफिक, तेल व्यापार और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पिछले हफ्ते भी दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन गिरने से 4 विदेशी मजदूर घायल हुए थे। यह तीसरी घटना है, जिससे UAE की एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।


ट्रंप ने अलग से कहा कि "ईरान डील चाहता है, लेकिन अभी तैयार नहीं है।" उन्होंने NATO सहयोगियों से होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित करने की अपील दोहराई, जहां ईरान ने टैंकरों को रोक रखा है। इस बीच, इजरायल ने ईरान के दक्षिणी इलाकों पर नए हमले किए हैं, और मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है।


दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, लेकिन यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट चेक करें। यह घटना मिडिल ईस्ट युद्ध को और विस्तार दे रही है, जहां अब गल्फ शहर भी सीधे निशाने पर हैं।