ईरान का अमेरिका के साथ संघर्ष विराम पर सतर्क रुख
ईरान के सर्वोच्च नेता की प्रतिक्रिया
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बुधवार को अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के संघर्ष विराम पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सेना को हमले रोकने का आदेश दिया, लेकिन उनके तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ईरान इस समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। खामेनेई ने सभी सैन्य इकाइयों को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया, लेकिन यह भी कहा कि उनकी उंगलियां ट्रिगर पर रहनी चाहिए, क्योंकि "यह युद्ध का अंत नहीं होगा"।
संघर्ष जारी रहने की चेतावनी
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ब्रॉडकास्टिंग पर प्रसारित एक बयान में, खामेनेई ने कहा कि संघर्ष अभी भी जारी है, और सभी सैन्य शाखाओं को संघर्ष विराम के आदेश का पालन करना होगा। इसके साथ ही, ईरान ने एक कड़ी चेतावनी जारी की है कि उसकी सेनाएं पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम को युद्ध का अंत नहीं समझा जाना चाहिए, और यदि अमेरिका या इज़राइल की ओर से कोई कार्रवाई होती है, तो उनकी उंगलियां ट्रिगर पर रहेंगी।
ईरान की शर्तें और अमेरिका के साथ बातचीत
अमेरिका ने ईरान के साथ दो हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमति जताई है, जो पाकिस्तान द्वारा प्रस्तावित किया गया था। यह घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय सीमा से ठीक 90 मिनट पहले की, जब वह ईरान पर बड़ा हमला करने वाले थे। ट्रंप ने कहा, "मैं दो हफ्ते की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को रोकने पर सहमत हूं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह संघर्ष विराम दोनों पक्षों की सहमति से होगा।
बातचीत की प्रक्रिया
तेहरान में, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पुष्टि की कि उसने दो हफ्ते के संघर्ष विराम को स्वीकार कर लिया है। परिषद ने बताया कि वह शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि आमने-सामने की बातचीत को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
