ईरान का अमेरिका और इजरायल को खुला चुनौती: सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

ईरान ने हाल ही में अमेरिका और इजरायल को एक गंभीर चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन किया। ईरान की सेना ने कहा है कि दुश्मन उनकी ताकत को कम आंक रहे हैं और यह स्पष्ट किया है कि उनकी खामोशी कमजोरी नहीं है। IRGC ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को अपनी आक्रामकता की कीमत चुकानी होगी। जानें इस बयान के पीछे की रणनीति और ईरान की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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ईरान का अमेरिका और इजरायल को खुला चुनौती: सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

ईरान की सेना का कड़ा बयान

ईरान का अमेरिका और इजरायल को खुला चुनौती: सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

ईरान ने जुमेरात के दिन अमेरिका और इजरायल को एक खुला चुनौती देते हुए एक गंभीर बयान जारी किया है। ईरान की सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद है। 2 अप्रैल को ईरान की सेना ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनके दुश्मनों को उनकी सैन्य क्षमताओं के बारे में सही जानकारी नहीं है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मन हमारी रणनीतिक क्षमताओं के बारे में गलतफहमी में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन यह सोचते हैं कि उन्होंने ईरान की मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं को नष्ट कर दिया है, लेकिन यह धारणा गलत है।

ईरान ने यह स्पष्ट किया कि उनकी खामोशी कमजोरी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन ठिकानों को दुश्मन ने निशाना बनाया है, वे उनके लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी रणनीति का हिस्सा हैं। ईरान ने यह भी कहा कि वे दुश्मन के पहले हमले का जवाब देंगे और दुश्मन को इस युद्ध में कुछ भी हासिल नहीं होगा।

IRGC ने कहा कि अमेरिका को अपनी आक्रामकता की कीमत चुकानी होगी और यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी हार सुनिश्चित नहीं हो जाती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो ईरान के हमले जारी रहेंगे।

ईरान की संगठनात्मक संरचना मजबूत है, और यही कारण है कि वे मध्य पूर्व में संघर्ष के 34वें दिन भी मजबूती से खड़े हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान की सुप्रीम फोर्स IRGC की उच्च नेतृत्व की पहचान नहीं की है, जिससे अमेरिका और इजरायल अभी भी संशय में हैं।